एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य की थीम पर नागरिक आपूर्ति निगम ने मनाया योग दिवस

श्रीवास्तव ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का विज्ञान है। यह जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दी। इस वर्ष की थीम “योग फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ” है, जो पृथ्वी और मानव स्वास्थ्य के गहरे संबंध को दर्शाती है।
श्रीवास्तव ने यह भी बताया कि वर्तमान में भारत की योग अर्थव्यवस्था 20 करोड़ रुपये से अधिक की हो चुकी है तथा 190 देशों में 1 लाख से अधिक प्रमाणित योग शिक्षक कार्यरत हैं। देश के लगभग 2.5 करोड़ घरों में नियमित योग को अपनाया जा चुका है। इस वर्ष योग दिवस के अंतर्गत योग संगम, योग बंधन, योग पार्क, योग समावेश, योग प्रभाव, योग कनेक्ट, हरित योग, योग अनप्लग्ड, योग महाकुंभ, और संयोगम जैसे 10 विशिष्ट आयोजन किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक योग की पहुंच सुनिश्चित करना है। श्रीवास्तव ने सभी नागरिकों से योग को जीवनशैली में अपनाने की अपील करते हुए कहा तनाव मुक्त और स्वस्थ जीवन के लिए योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। आज हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि हम स्वयं भी योग करेंगे और दूसरों को भी प्रेरित करेंगे।





