छत्तीसगढ़

बिलासपुर में सर्पदंश से मासूम की मौत, एंबुलेंस देरी पर उठे सवाल

Shantanu Roy
18 Sept 2026 5:42 PM IST
बिलासपुर में सर्पदंश से मासूम की मौत, एंबुलेंस देरी पर उठे सवाल
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Bilaspur. बिलासपुर। जिले के कोटा क्षेत्र में सर्पदंश की शिकार 7 साल की मासूम बच्ची की मौत के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों ने आरोप लगाया है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) कोटा में समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण बच्ची को बेहतर इलाज के लिए सिम्स पहुंचाने में देरी हुई, जिससे उसकी जान चली गई। वहीं दूसरी ओर सीपत क्षेत्र में भी एक बुजुर्ग किसान की सर्पदंश से मौत हो गई। लगातार सामने आए इन मामलों ने ग्रामीण इलाकों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं और समय पर इलाज की व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
अचानक बिगड़ी बच्ची की तबीयत
जानकारी के अनुसार, ग्राम बिल्लीबंद के धनुवारपारा निवासी दीपक बंजारे पुणे में काम करते हैं। गांव में उनकी पत्नी और सात साल की बेटी रायना रहती थी। बुधवार रात रायना अपनी दादी के साथ खाट पर सोई थी। तड़के करीब 4 बजे अचानक उसके पेट में तेज दर्द शुरू हुआ। इसके बाद उसे उल्टी होने लगी और सांस लेने में परेशानी महसूस हुई। बच्ची की हालत देखकर परिजन घबरा गए और उसे तुरंत ऑटो से कोटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे।
डॉक्टरों ने सिम्स किया था रेफर
कोटा CHC में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए उसे तत्काल सिम्स बिलासपुर रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल परिसर में एंबुलेंस मौजूद होने के बावजूद बच्ची को तुरंत नहीं ले जाया गया। उनका कहना है कि कर्मचारियों ने रतनपुर से दूसरी एंबुलेंस बुलाने की बात कही। परिजनों के अनुसार, रतनपुर से एंबुलेंस पहुंचने में करीब एक घंटे से ज्यादा समय लग गया। इस दौरान बच्ची की हालत लगातार बिगड़ती रही।
सिम्स पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
काफी देर बाद बच्ची को सिम्स अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन वहां पहुंचने के कुछ ही समय बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, बच्ची की मौत सर्पदंश के कारण हुई। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया है। परिजनों ने इलाज में देरी और व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
सीपत में किसान की भी सर्पदंश से मौत
इधर, सीपत थाना क्षेत्र के थाना पारा निवासी किसान रामकुमार धीवर (65) की भी सांप के काटने से मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, गुरुवार तड़के करीब 4 बजे रामकुमार अपने कोठार स्थित बाथरूम जाने के लिए निकले थे। इसी दौरान सीढ़ी के पास सांप ने उन्हें डस लिया। बताया जा रहा है कि उन्हें सांप काटने का तुरंत पता नहीं चला और वह वापस आकर सो गए। सुबह करीब 6 बजे सीने में तेज जलन होने पर परिजन उन्हें इलाज के लिए सिम्स लेकर पहुंचे। जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बारिश के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश के मामले बढ़ जाते हैं। ऐसे में समय पर एंबुलेंस और इलाज की उपलब्धता मरीज की जान बचाने में अहम भूमिका निभाती है। दोनों घटनाओं के बाद ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, मामले में आधिकारिक जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
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