छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया 'सुशासन संवाद- गुड गवर्नेंस समिट' का शुभारंभ
Shantanu Roy
13 Oct 2025 7:15 PM IST

x
छग
Raipur. रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को मंत्रालय (महानदी भवन) के पंचम तल स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित "सुशासन संवाद – गुड गवर्नेंस समिट" में शामिल होकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री, शीर्ष अधिकारी और जिला प्रशासन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य शासन प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसरोकार आधारित नीति निर्माण को मजबूत करना है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ वन मंत्री केदार कश्यप, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित सभी विभागीय सचिव, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (एसपी) और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री बोले – "जनता का विश्वास ही सुशासन की नींव"
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार सुशासन को लेकर प्रतिबद्ध है और इसका मूल आधार जनता का विश्वास है। उन्होंने कहा, “सुशासन का अर्थ केवल योजनाओं की घोषणा नहीं, बल्कि उनका प्रभावी क्रियान्वयन है। शासन की नीतियों का लाभ जब अंतिम व्यक्ति तक समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचता है, तभी इसे सच्चा सुशासन कहा जा सकता है।” मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रशासनिक कामकाज में ई-गवर्नेंस, प्रौद्योगिकी आधारित निगरानी प्रणाली, और फीडबैक तंत्र को और मजबूत किया जाए ताकि जनता को सेवाएं सरल और तेज़ी से उपलब्ध हो सकें।
सुशासन संवाद में हुई नीतिगत चर्चाएं
इस सम्मेलन के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा शासन सुधार, शिकायत निवारण, डिजिटल पारदर्शिता, और सेवा वितरण प्रणाली पर विस्तृत प्रस्तुतियां दी गईं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जिले और ब्लॉक स्तर पर आम नागरिकों से संवाद बढ़ाया जाए और उनकी शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। मुख्य सचिव विकास शील ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रशासनिक प्रणाली में सुशासन को जमीनी स्तर तक लागू करने के लिए नए मानक तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें "प्रभावशीलता, पारदर्शिता और नागरिक संतुष्टि" को मुख्य मापदंड बनाया गया है।
विभागों को मिले दिशा-निर्देश
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभागों को निर्देश दिए कि सभी सरकारी सेवाओं में ऑनलाइन प्रक्रिया और समय सीमा निर्धारण को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि शासन के हर स्तर पर जनता की भागीदारी बढ़ाने से ही गुड गवर्नेंस मॉडल को सफल बनाया जा सकता है। वन मंत्री केदार कश्यप और शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने भी अपने विभागों में पारदर्शिता और नवाचार को लेकर किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। दोनों मंत्रियों ने कहा कि ग्रामीण और शैक्षिक क्षेत्रों में डिजिटल सशक्तिकरण से प्रशासनिक पारदर्शिता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
Tagsछत्तीसगढ़ न्यूज हिंदीछत्तीसगढ़ न्यूजछत्तीसगढ़ की खबरछत्तीसगढ़ लेटेस्ट न्यूजछत्तीसगढ़ न्यूज अपडेटछत्तीसगढ़ हिंदी न्यूज टुडेछत्तीसगढ़ हिंदीन्यूज हिंदी न्यूज छत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ हिंदी खबरछत्तीसगढ़ समाचार लाइवChhattisgarh News HindiChhattisgarh NewsNews of ChhattisgarhChhattisgarh Latest NewsChhattisgarh News UpdateChhattisgarh Hindi News TodayChhattisgarh HindiNews Hindi News ChhattisgarhChhattisgarh Hindi NewsChhattisgarh News Liveजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





