छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा लकड़ी तस्कर मनीष अग्रवाल गिरफ्तार

Shantanu Roy
4 Sept 2026 3:12 PM IST
छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा लकड़ी तस्कर मनीष अग्रवाल गिरफ्तार
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Raigarh. रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस और वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वन तस्करी के एक बड़े अंतर्राज्यीय सिंडिकेट का खुलासा किया है। खैर और तेंदू प्रजाति की बेशकीमती लकड़ियों की अवैध कटाई, भंडारण और दूसरे राज्यों में तस्करी करने वाले गिरोह के तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह छत्तीसगढ़, ओडिशा और मध्यप्रदेश के वन क्षेत्रों से लकड़ियों की अवैध कटाई कराकर हरियाणा, हिमाचल प्रदेश समेत अन्य राज्यों में सप्लाई करता था। आरोपियों द्वारा फर्जी ट्रांसपोर्ट परमिट की मदद से अवैध लकड़ी कारोबार को वैध दिखाने की कोशिश की जा रही थी।
मामले का खुलासा रायगढ़ पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसएसपी शशि मोहन सिंह, डीएफओ रायगढ़ अरविंद पीएम, एडिशनल एसपी अनिल सोनी और सीएसपी मयंक मिश्रा ने किया। पुलिस जांच में सामने आया कि धरमजयगढ़, घरघोड़ा और तमनार वन क्षेत्रों से ग्रामीणों को पैसों का लालच देकर खैर और तेंदू प्रजाति की लकड़ियां कटवाई जा रही थीं। इसके बाद आरोपी रोहित मित्तल इन लकड़ियों को गढ़उमरिया स्थित गोदाम में जमा करता था। आरोप है कि रोहित मित्तल अपने सहयोगी मनीष अग्रवाल के साथ मिलकर लकड़ियों की छंटाई और प्रोसेसिंग कराता था। इसके बाद वाहन मालिकों भरत कुमार मेश्राम और सलाउद्दीन खान की मदद से लकड़ियों को दूसरे राज्यों में भेजा जाता था।
वन विभाग को पिछले साल मई में सूचना मिली थी कि जूटमिल थाना क्षेत्र के जामटीकरा (गढ़उमरिया) स्थित एक गोदाम में अवैध रूप से लकड़ियों का भंडारण किया गया है। सूचना के आधार पर 5 मई 2025 को वन विभाग की टीम ने गोदाम में छापेमारी की थी। रेड के दौरान ट्रक क्रमांक सीजी 15 डीवी-7577 में लदे तेंदू प्रजाति के 42 नग लट्ठे बरामद किए गए थे। इसके अलावा गोदाम से तेंदू और खैर प्रजाति के 146 नग लट्ठे, जलाऊ लकड़ी, वजन मशीन, कुल्हाड़ी, हथौड़ा और कटर मशीन भी जब्त की गई थी।
जांच के दौरान लकड़ियों की ट्रांसपोर्टिंग के लिए प्रस्तुत किए गए परमिट पर भी संदेह सामने आया। वन विभाग की जांच में ये दस्तावेज प्रथम दृष्टया फर्जी पाए गए। इसके बाद मामले की विस्तृत जांच के लिए पुलिस को आवेदन दिया गया। जूटमिल थाना पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और भारतीय वन अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया। इसके बाद एसएसपी के निर्देश पर सीएसपी मयंक मिश्रा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी रोहित मित्तल, मनीष अग्रवाल और सलाउद्दीन खान की भूमिका सामने आने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। वहीं मामले में आरोपी भरत कुमार मेश्राम अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपियों में रोहित मित्तल निवासी अग्रसेन कॉलोनी रायगढ़, मनीष अग्रवाल निवासी बलौदाबाजार और सलाउद्दीन खान निवासी सारंगढ़-बिलाईगढ़ शामिल हैं। पुलिस और वन विभाग ने बताया कि इस कार्रवाई से लंबे समय से चल रहे लकड़ी तस्करी के नेटवर्क का खुलासा हुआ है। मामले में आगे की जांच जारी है और तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
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