छत्तीसगढ़: थानेदार ने की एएसआई के खिलाफ अफसरों से शिकायत, जानें पूरा मामला

बिलासपुर। एक थाने में पदस्थ एएसआई के रुतबे से थानेदार परेशान हो गए हैं। एएसआई अपने स्तर पर मामले को सुलझा लेते हैं। इसे लेकर थानेदार ने अधिकारियों के पास भी अपनी बात रखी है। पुराने थानेदार ने एएसआई को सुपर टीआई बना रखा था। सभी मामलों में उसकी दखल रहती थी। साथ ही सारी व्यवस्था की जिम्मेदारी भी एएसआई के पास ही थी। थाने के कर्मचारी भी उसके आदेश का हुक्म मानने लगे थे। लंबे समय तक चली इस व्यवस्था से क्षेत्र के लोग भी परिचित थे। इसके कारण नए थानेदार को व्यवस्था रास नहीं आ रही थी। नए थानेदार ने पहले तो अपने स्तर पर व्यवस्था में बदलाव का प्रयास किया। इसमें सफल नहीं होने पर उन्होंने अधिकारियों को अपनी व्यथा सुनाई। थानेदार की परेशानी को समझते हुए एएसआई को दूसरी जगह भेज दिया गया।
शहर से लगे थाने में मारपीट और हत्या के प्रयास का एक मामला थानेदार के लिए मुसीबत का कारण बन गया था। मामले में थानेदार से खुन्न्स रखने वाले ग्रामीणों को उकसाकर थाने तक पहुंच गए थे। थाने में ग्रामीणों ने पुलिस पर आरोप लगाया। साथ ही अपराधियों से साठगांठ की बात कही। इसे लेकर थानेदार के विरोधी शिकायतों की लंबी लिस्ट तैयार करने लगे थे। लिस्ट बनती इससे पहले ही थानेदार ने मामले में लापरवाही का ठिकरा विवेचक पर फोड़ दिया। ग्रामीणों की शिकायत पर थानेदार ने विवेचक को हटाकर जांच का जिम्मा दूसरे को सौंप दिया। इसकी जानकारी ग्रामीणों को भी दी। थानेदार की इस कार्रवाई से ग्रामीण भी संतुष्ट हो गए। इसके बाद शिकवा शिकायतों का दौर बंद हो गया। वहीं थानेदार के विरोधियों की लिस्ट उनके पास ही धरी रह गई। इधर थानेदार ने पूरे मामले में ग्रामीणों को भी पुलिस के पक्ष में कर लिया।





