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छत्तीसगढ़: लॉटरी में पैसे नहीं, मिला 16 करोड़ का इंजेक्शन...पढ़े पूरा मामला

Nil dhankar
3 Sept 2021 5:32 PM IST
छत्तीसगढ़: लॉटरी में पैसे नहीं, मिला 16 करोड़ का इंजेक्शन...पढ़े पूरा मामला
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CG NEWS

छत्तीसगढ़। बिलासपुर (Bilaspur) के व्यवसायी अंचल और उनकी पत्नी आशु को एक बड़ी राहत मिली है. दुर्लभ बीमारी से ग्रसित उनके छह महीने के बेटे आयांश को नई जिंदगी मिलने की उम्मीद बढ़ गई है. क्योंकि उसकी बीमारी के इलाज के लिए लगने वाला 16 करोड़ रुपयों की कीमत वाला इंजेक्शन उन्हें मुफ्त में मिलने जा रहा है. स्विट्जरलैंड की नोवार्टिस (Novartis) कंपनी की ओर से आयोजित लॉटरी सिस्टम में आयांश का नाम आया है. अब एसएमए (SMA) यानी स्पाइनल मस्कुलर एस्ट्रोफी (spinal muscular atrophy) से ग्रसित अयांश को बेंगलुरु के एक अस्पताल में 16 करोड़ रुपए की कीमत वाला यह इंजेक्शन लगेगा, लेकिन फिलहाल आयांश के इलाज में एक रोड़ा है. वर्तमान में आयांश निमोनिया से ग्रसित है. एसएमए के लिए इंजेक्शन लगने में निमोनिया बड़ा रोड़ा है, लेकिन निमोनिया ठीक होने के बाद मासूम को इंजेक्शन लगाया जाएगा. आयांश बचपन से ही इस दुर्लभ बीमारी से ग्रसित है.

अयांश अपने जन्म के दूसरे महीने से ही दुर्लभ बीमारी SMA से ग्रसित है. डॉक्टर्स के मुताबिक इस बीमारी में खाने-पीने, पैर उठाने और शरीर की दूसरी गतिविधियां करने में समस्या होती है. इसके इलाज के लिए 16 करोड़ रुपयों की कीमत वाला इंजेक्शन लगता है. इंजेक्शन बनाने वाली नोवार्टिस कंपनी हर साल इस दुर्लभ बीमारी से पीड़ित दुनियाभर के 100 लोगों को फ्री में यह इंजेक्शन देती है. इसके लिए कंपनी लॉटरी सिस्टम निकालती है. इस बार उन 100 लोगों में अयांश का भी नाम है. अयांश के पिता अंचल ने मीडिया से चर्चा में बताया कि मालिश करने या टीका लगने के दौरान अयांश को उस दर्द का अहसास तो होता था पर उसके शरीर में इतनी ताकत नहीं थी कि मूवमेंट कर पाए. तभी उन्हें संदेह हुआ कि आयांश में कोई कमी है. बेंगलुरु के एक बड़े अस्पताल में भी चेकअप करवाया तो स्पष्ट हो गया कि उसे स्पाइलनल मर्स्कुलर एस्ट्रोफी है. उसका इलाज वहीं चला. वहां के डाक्टर्स ने साफ कर दिया कि जब तक उसे 16 करोड़ रुपए का वह इंजेक्शन नहीं लगेगा, ऐसे ही रहेगा.

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