छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: एन. उदय राव को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत
Shantanu Roy
1 Oct 2026 7:15 PM IST

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New Delhi/Raipur. नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले से जुड़े मैनपावर सप्लाई मामले में आरोपी एन. उदय राव को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत की राहत मिली है। गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने राज्य से पूछा कि अंतरिम जमानत अवधि में राव के खिलाफ कोई प्रतिकूल रिपोर्ट सामने आई है या नहीं। राज्य की ओर से बताया गया कि ऐसी कोई प्रतिकूल रिपोर्ट नहीं है। इसके बाद अदालत ने उन्हें शर्तों के साथ अंतरिम जमानत पर बने रहने की अनुमति दी। मामला छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानी CSMCL द्वारा वर्ष 2019 से 2023 के बीच शराब की खुदरा दुकानों पर कर्मचारियों की तैनाती के लिए दिए गए मैनपावर कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ा है। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि ओवरटाइम, बोनस, अतिरिक्त कार्य दिवस और सर्विस चार्ज के नाम पर बढ़े हुए बिल प्रस्तुत किए गए और इसके जरिए अतिरिक्त भुगतान प्राप्त किया गया। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के 6 अगस्त 2026 के आदेश में दर्ज अभियोजन के आरोपों के मुताबिक A-2-Z इंफ्रासर्विसेज लिमिटेड को लगभग 34.06 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान मिला था।
आरोप है कि इसमें से करीब 6.90 करोड़ रुपये कथित अवैध कमीशन के रूप में विभिन्न माध्यमों से आगे भेजे गए। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि जांच एजेंसी ने बैंक रिकॉर्ड, भुगतान दस्तावेज, गवाहों के बयान और अन्य सामग्री के आधार पर राव की भूमिका का दावा किया है। एन. उदय राव ने आरोपों से इनकार किया है। उनकी ओर से अदालत में कहा गया कि उनका नाम मूल एफआईआर में नहीं था और वे A-2-Z इंफ्रासर्विसेज लिमिटेड के न तो डायरेक्टर थे और न ही शेयरहोल्डर। बचाव पक्ष का यह भी कहना है कि कंपनी पर उनका स्वतंत्र वित्तीय या प्रबंधकीय नियंत्रण नहीं था और उन्हें बाद की जांच में आरोपी बनाया गया। हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार राव को 12 मई 2026 को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन्होंने नियमित जमानत के लिए छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन 6 अगस्त को उनकी याचिका खारिज कर दी गई। हाई कोर्ट ने उस समय अभियोजन की ओर से पेश दस्तावेजी और वित्तीय सामग्री का उल्लेख करते हुए जमानत देने से इनकार किया था। इसके बाद राव ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। 21 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत दी थी।
राज्य सरकार से जवाब मांगा था। उस समय अदालत ने मामले को 1 अक्टूबर के लिए सूचीबद्ध किया था। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार उस सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने राव की अंतरिम रिहाई को ट्रायल कोर्ट द्वारा तय शर्तों के अधीन रखा था। राव की ओर से सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने पक्ष रखा। बचाव पक्ष का तर्क रहा कि अभियोजन ने उनके खिलाफ जो भूमिका बताई है, वह विवादित है और उसका अंतिम परीक्षण ट्रायल के दौरान ही किया जाना है। दूसरी ओर राज्य की ओर से हाई कोर्ट में यह दावा किया गया था कि राव मैनपावर सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट के स्थानीय संचालन, बैंकिंग और भुगतान संबंधी गतिविधियों से जुड़े थे। गुरुवार की सुनवाई में अदालत का ध्यान विशेष रूप से इस बात पर रहा कि अंतरिम जमानत के दौरान राव का आचरण कैसा रहा और क्या उनके खिलाफ किसी प्रकार की प्रतिकूल रिपोर्ट दर्ज हुई। राज्य द्वारा ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं होने की जानकारी देने के बाद अदालत ने अंतरिम राहत जारी रखने की अनुमति दी। यह मामला छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले से जुड़े कई अलग-अलग वित्तीय और प्रशासनिक पहलुओं में से एक है। एन. उदय राव के खिलाफ लगाए गए आरोप अभी न्यायिक परीक्षण के अधीन हैं और मामले में दोष या निर्दोषता का अंतिम फैसला ट्रायल कोर्ट में साक्ष्यों के आधार पर होगा।
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