छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में पैक्स कर्मचारियों की हड़ताल पर सख्त शासन, 5 प्रबंधकों की सेवा समाप्त
Shantanu Roy
14 Nov 2025 7:30 PM IST

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छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ में कल 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का महाअभियान शुरू होने जा रहा है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए राज्य सरकार ने व्यापक तैयारियां कर ली हैं, लेकिन धान खरीदी के ठीक पहले पैक्स समितियों के कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी थी। इसी बीच राज्य शासन द्वारा सख्त कदम उठाते हुए कई समिति प्रबंधकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है, जिसके बाद हालात सुधरने लगे हैं।
प्रदेश की 2058 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) के अधीन 2739 उपार्जन केंद्रों में किसानों से धान खरीदी की जाएगी। यह व्यवस्था प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है। ऐसे में पैक्स सहकारी कर्मचारी संघ और कंप्यूटर ऑपरेटर संघ ने अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल का रास्ता अपनाया, जिससे उपार्जन की तैयारियां प्रभावित होने लगीं। हड़ताल के चलते समितियों में धान खरीदी से जुड़े आवश्यक कार्य जैसे केंद्रों की तैयारी, किसानों के पंजीयन अपडेट, टोकन वितरण, रबी ऋण वितरण, पीडीएस संचालन और अन्य सहकारी गतिविधियां ठप हो गई थीं। इससे न केवल प्रशासन, बल्कि किसानों में भी भारी चिंता की स्थिति निर्मित हो गई थी।
राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने हड़ताली कर्मचारियों से कई दौर की चर्चा की और मांगों पर विचार का आश्वासन भी दिया, लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों पर अडिग रहे। इसके बाद शासन ने कर्मचारियों को कार्य पर लौटने के निर्देश जारी किए। सक्षम अधिकारियों द्वारा नोटिस भी जारी किए गए, जिसमें तत्काल कार्य पर उपस्थित होने को कहा गया था। इसके बावजूद कई समिति प्रबंधक एवं डाटा एंट्री ऑपरेटर कार्य पर नहीं लौटे और न ही उन्होंने कोई लिखित जवाब प्रस्तुत किया। इसे गंभीर लापरवाही और लोकहित से खिलवाड़ मानते हुए संबंधित समितियों के संचालक मंडलों ने कड़ा कदम उठाया है।
14 नवंबर को जिन पाँच प्रबंधकों की सेवाएं समाप्त की गईं, उनमें—
नरेंद्र साहू, प्रबंधक, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति छाती (धमतरी)
ईश्वर श्रीवास, प्रबंधक, बोरतलाव समिति (राजनांदगांव)
गोविंद नारायण मिश्रा, प्रबंधक, पैक्स सोसाइटी चांपा
किशुन देवांगन, प्रबंधक, गठुला समिति (राजनांदगांव)
चंद्रप्रताप सिंह, प्रबंधक, सेवा सहकारी समिति लखनपुर
इनकी सेवाएं “गंभीर दुराचार” की श्रेणी में तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। शासन के इस कठोर रुख का असर प्रदेशभर में देखा जा रहा है। कार्रवाई के बाद अनेक समिति प्रबंधक और कर्मचारी वापस कार्यस्थल पर लौटने लगे हैं और धान खरीदी की तैयारियां फिर से गति पकड़ रही हैं। कृषि विभाग और सहकारिता विभाग के अधिकारियों का कहना है कि धान खरीदी जैसे बड़े और संवेदनशील अभियान में किसी भी प्रकार की बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शासन की प्राथमिकता किसानों को समय पर, पारदर्शी और सुचारु रूप से धान खरीदी की सुविधा उपलब्ध कराना है। इसलिए हड़ताल की स्थिति में भी उपार्जन व्यवस्था को प्रभावित होने नहीं दिया जाएगा।
कर्मचारी संघों ने अपनी मांगों में वेतनमान सुधार, नियमितिकरण, कार्यस्थल सुरक्षा और सेवा शर्तों में सुधार जैसे मुद्दों को शामिल किया है। हालांकि शासन ने इन पर विचार का आश्वासन दिया है, लेकिन हड़ताल जारी रखने को अनुशासनहीनता मानते हुए स्पष्ट संकेत दिया है कि ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। धान खरीदी शुरू होने में अब केवल 24 घंटे बचे हैं, ऐसे में प्रदेश का प्रशासन पूरी ताकत से तैयारी में जुटा है। हड़ताल के बीच हुई कार्रवाई से धान खरीदी की प्रक्रिया पटरी पर लौटती दिख रही है। किसानों के लिए यह राहत भरी खबर है कि अधिकांश पैक्स कर्मचारी कार्य पर लौट आए हैं, जिससे टोकन वितरण, धान तौल, परिवहन और भंडारण की व्यवस्था बेहतर ढंग से संचालित होने की उम्मीद है। शासन ने संकेत दिया है कि लोकहित में किसी भी प्रकार की लापरवाही को सहन नहीं किया जाएगा और धान खरीदी व्यवस्था को प्रभावित करने वालों पर आगे भी कठोर कदम उठाए जाएंगे।
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