छत्तीसगढ़

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को मिला विकास का नया संबल

SHIDDHANT
11 Oct 2026 7:55 PM IST
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को मिला विकास का नया संबल
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Raipur रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज राजधानी रायपुर में स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में निरंतर 25 वर्ष पूर्ण होने पर अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक के बाद मुख्यमंत्री साय ने मुख्यमंत्री निवास में आयोजित प्रेस वार्ता में मंत्रिपरिषद के निर्णयों की जानकारी दी और प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के नेतृत्व का छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा पर पड़े व्यापक प्रभाव को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस शुभ अवसर पर मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों की गौरवशाली सेवा यात्रा के अभिनंदन का शुभ प्रस्ताव पारित किया है। यह केवल एक उपलब्धि का अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्र प्रथम, जनसेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और अंत्योदय के सिद्धांतों को समर्पित एक असाधारण कर्मयात्रा का ऐतिहासिक पड़ाव है।
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता और मंत्रिपरिषद की ओर से प्रधानमंत्री मोदी के कर्मयोग, जनसेवा और दूरदर्शी नेतृत्व का अभिनंदन करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं सुदीर्घ राष्ट्रसेवा की कामना की। उन्होंने कहा कि मंत्रिपरिषद ने जैम से लेकर जीएसटी, अनुच्छेद 370 की समाप्ति और जन्मभूमि मंदिर से लेकर नक्सलवाद से मुक्ति तक राष्ट्रहित में लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों का अभिनंदन किया है। साथ ही सहकारी संघवाद के माध्यम से छत्तीसगढ़ को अधिक संसाधन और भागीदारी देने तथा आवास, नल-जल, स्वच्छता, राशन, स्वास्थ्य और स्वच्छ ईंधन जैसी सुविधाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में मिले सहयोग के लिए केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया गया है।
गुजरात से शुरू हुए सुशासन के प्रयोगों ने देश और छत्तीसगढ़ को दिखाई नई राह
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शासन में टेक्नोलॉजी, जनसंवाद और परिणाम आधारित कार्यप्रणाली के अनेक अभिनव प्रयोग किए। आगे चलकर इन सफल प्रयोगों को राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनाया गया। वर्ष 2000 में अस्तित्व में आए छत्तीसगढ़ ने भी अपनी शुरुआती विकास यात्रा में ‘गुजरात मॉडल’ के सफल अनुभवों से सीखते हुए तेज गति से आगे बढ़ने का प्रयास किया। संवाद और ‘चिंतन शिविर’ जैसी कार्यसंस्कृति भी इसी सोच से प्रेरित रही है।
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