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छत्तीसगढ़ कोल घोटाला: 3 अक्टूबर को EOW पेश करेगी फाइनल चार्जशीट

Shantanu Roy
28 Sept 2026 2:54 PM IST
छत्तीसगढ़ कोल घोटाला: 3 अक्टूबर को EOW पेश करेगी फाइनल चार्जशीट
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Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित कोल घोटाला मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने अपनी जांच को अंतिम चरण में पहुंचा दिया है। जांच एजेंसी अब इस मामले में फाइनल चार्जशीट पेश करने की तैयारी कर रही है। जानकारी के अनुसार, 3 अक्टूबर को विशेष कोर्ट में मामले की अंतिम चार्जशीट दाखिल की जाएगी। EOW की ओर से चार्जशीट को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। बताया जा रहा है कि इस चार्जशीट में करीब 35 आरोपियों के नाम शामिल किए जा सकते हैं। वहीं, जिन आरोपियों को अग्रिम जमानत मिली हुई है, उनसे भी पूछताछ का सिलसिला जारी है।
देवेंद्र यादव से भी हुई पूछताछ
कोल घोटाला मामले में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव से भी EOW ने पूछताछ की है। उन्हें पूछताछ के लिए EOW कार्यालय बुलाया गया था, जहां करीब दो घंटे तक अधिकारियों ने उनसे मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सवाल-जवाब किए। EOW जांच के तहत आरोपियों और अन्य संबंधित लोगों से जानकारी जुटाई जा रही है। जांच एजेंसी का उद्देश्य मामले से जुड़े सभी तथ्यों और लेनदेन की कड़ियों को स्पष्ट करना है।
ED भी कर रही मामले की जांच
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल घोटाला मामले की जांच EOW के अलावा प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी कर रहा है। दोनों एजेंसियां मामले से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही हैं। EOW की ओर से विशेष कोर्ट में फाइनल चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है। चार्जशीट में जांच के दौरान सामने आए तथ्यों, दस्तावेजों और आरोपियों की भूमिका का विवरण शामिल किया जाएगा।
कोयला परिवहन में अवैध लेवी वसूली का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच कोयला व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों से हर टन कोयला परिवहन पर 25 रुपये की अवैध लेवी वसूली जाने का आरोप है। जांच के मुताबिक, इसके लिए खनन विभाग की परमिट व्यवस्था में बदलाव किया गया था। आरोप है कि ऑनलाइन जारी होने वाले कोल परमिट को ऑफलाइन व्यवस्था में बदला गया, जिसके बाद एक सिंडिकेट ने इस व्यवस्था पर नियंत्रण स्थापित कर लिया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इसी व्यवस्था के जरिए कोयला परिवहन से जुड़े लोगों से अवैध राशि वसूली गई और एक संगठित नेटवर्क तैयार किया गया।
540 करोड़ से ज्यादा की वसूली का आरोप
EOW और ED की जांच के अनुसार, इस कथित अवैध वसूली तंत्र के जरिए करीब 540 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाई गई। एजेंसियां इस पूरे मामले में आर्थिक लेनदेन, आरोपियों की भूमिका और कथित नेटवर्क की जांच कर रही हैं। अब फाइनल चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया तेज होने की संभावना है। जांच एजेंसी द्वारा कोर्ट में पेश किए जाने वाले दस्तावेजों और तथ्यों पर सभी की नजर बनी हुई है।
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