छत्तीसगढ़

बस स्टैंड में मौत को दावत दे रही अव्यवस्था

Nilmani Pal
23 March 2025 10:15 AM IST
बस स्टैंड में मौत को दावत दे रही अव्यवस्था
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रायगढ़। जिले के धरमजयगढ़ का बस स्टैंड, जो किसी समय नगर का गौरव हुआ करता था, आज अराजकता, अव्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण बन चुका है। नगर पंचायत के अधिकारियों और कर्मचारियों की बेखयाली और मिलीभगत के कारण यह स्थान अतिक्रमण, गंदगी और दुर्दशा का पर्याय बन गया है।

धरमजयगढ़ जिले का यह बस स्टैंड सबसे बड़ा होने के बावजूद बसों के खड़े होने की जगह तक नहीं बची। दुकानदारों ने मनमाने तरीके से अपने दुकान के सामने बड़े-बड़े शेड और अस्थायी निर्माण कर लिए हैं, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया है। रातों-रात अवैध शेड खड़े करने और सरकारी जमीन पर कब्जा करने का खेल बिना किसी डर के खुलेआम चल रहा है। आश्चर्य की बात यह है कि नगर पंचायत के अधिकारी और कर्मचारी सब कुछ देखने के बावजूद मूकदर्शक बने हुए हैं। बस स्टैंड की संकरी हो चुकी सड़कों पर बसों का निकलना किसी चुनौती से कम नहीं। ऊपर से, दुकानों पर खरीदारी करने आने वाले लोग बेतरतीब ढंग से वाहन खड़ा कर देते हैं, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना हो सकती है। क्या नगर प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है? क्या किसी मासूम की जान जाने के बाद ही इस समस्या पर ध्यान दिया जाएगा?

धरमजयगढ़ में अराजकता की स्थिति यह है कि सरकारी जमीन पर बड़े दुकानदार ठेले लगवाकर उनसे हजारों रुपये वसूल रहे हैं। यह एक तरह से अवैध वसूली का संगठित खेल बन चुका है, लेकिन नगर पंचायत इसे रोकने के बजाय आंखें मूंदे बैठी है। पूर्व सीएमओ रामायण पांडेय के कार्यकाल में बस स्टैंड पर बने फव्वारे को पुनः चालू किया गया था, जिससे बस स्टैंड का आकर्षण बढ़ गया था। नगरवासियों ने अन्य स्थानों पर भी ऐसे ही फव्वारे लगाने की मांग की थी, लेकिन जैसे ही सीएमओ का तबादला हुआ, न सिर्फ फव्वारा बंद कर दिया गया, बल्कि उसके चारों ओर अतिक्रमण कर दिया गया। यह घटना नगर पंचायत की अंदरूनी मिलीभगत और भ्रष्टाचार को उजागर करती है। क्या प्रशासन इस ओर ध्यान देगा या फिर धरमजयगढ़ की सुंदरता हमेशा के लिए अराजक तत्वों के कब्जे में चली जाएगी?

धरमजयगढ़ बस स्टैंड यात्रियों के लिए सर्वाधिक असुविधाजनक स्थानों में से एक बन चुका है। यहां न यात्री प्रतीक्षालय की व्यवस्था है, न ही स्वच्छता की कोई पहल। प्रतीक्षालय को शौचालय में तब्दील कर दिया गया है, जिससे यात्री मजबूरी में दुकानों के सामने खड़े होने पर विवश होते हैं। कई बार दुकानदार उन्हें वहां से भगा देते हैं। क्या धरमजयगढ़ के नागरिक इस अपमानजनक स्थिति को चुपचाप सहते रहेंगे?

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