छत्तीसगढ़

सुखीपाली धान खरीदी केंद्र में अव्यवस्था उजागर, प्रभारी रविशंकर सेठ निलंबित

Shantanu Roy
27 Nov 2025 10:46 PM IST
सुखीपाली धान खरीदी केंद्र में अव्यवस्था उजागर, प्रभारी रविशंकर सेठ निलंबित
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Mahasamund. महासमुंद। जिले के सुखीपाली धान खरीदी केंद्र में मंगलवार को की गई आकस्मिक जांच में बड़ी लापरवाही सामने आई है। कलेक्टर विनय लंगेह और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने केंद्र का निरीक्षण किया, जिसमें धान खरीदी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। जांच में अव्यवस्था के कई बिंदु उजागर होने पर प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित सुखीपाली के प्रभारी समिति प्रबंधक एवं धान खरीदी प्रभारी रविशंकर सेठ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

निरीक्षण में क्या-क्या मिला?
कलेक्टर और प्रशासनिक अधिकारियों ने जब धान खरीदी केंद्र का स्थल निरीक्षण किया, तो प्रारंभिक स्तर पर ही अव्यवस्था स्पष्ट दिखी। जांच रिपोर्ट के अनुसार धान का स्टेकिंग सही तरीके से नहीं किया गया था, जिससे गुणवत्ता और सुरक्षा पर प्रश्न उठे। खरीदी केंद्र में रखा बारदाना अव्यवस्थित पाया गया और कई बारदाने बिना टैग के उपयोग में लाए जा रहे थे, जो खरीदी प्रक्रिया के मानकों के खिलाफ है। सबसे गंभीर लापरवाही यह रही कि केंद्र में CCTV कैमरे नहीं पाए गए, जबकि सभी खरीदी केंद्रों में CCTV की मौजूदगी अनिवार्य है ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित रहे। आकस्मिक निरीक्षण में सामने आई ये कमियां स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं कि प्रभारी रविशंकर सेठ द्वारा शासन की धान खरीदी नीति और आदेश-निर्देशों का पालन नहीं किया गया। प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया।

तत्काल निलंबन और पदस्थापना
विभागीय आदेश में कहा गया है कि रविशंकर सेठ को समिति के प्राधिकृत अधिकारी द्वारा तुरंत निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। साथ ही, निलंबन के बाद उन्हें जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित रायपुर की सांकरा शाखा में पदस्थ किया गया है, जहां वे आगे की जांच और कार्रवाई तक रिपोर्ट करेंगे।

क्या कहता है प्रशासन?
जिला प्रशासन का कहना है कि खरीदी केंद्रों में अनुशासन और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है। कलेक्टर विनय लंगेह ने स्पष्ट किया कि धान खरीदी जैसे संवेदनशील कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने निर्देश दिया है कि जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों में व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी जाएं और नीति के हर बिंदु का पालन कड़ाई से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि धान खरीदी प्रक्रिया किसानों के हितों से सीधे जुड़ी है, इसलिए किसी भी अनियमितता को तुरंत सुधारा जाना आवश्यक है। प्रशासन ने अन्य केंद्रों के प्रभारियों को भी स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कहीं लापरवाही पाई गई, तो इसी प्रकार की कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

किसानों में चर्चा
घटना के बाद क्षेत्र के किसानों में इस कार्रवाई को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई किसानों ने कहा कि प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से खरीदी केंद्रों में पारदर्शिता और जिम्मेदारी बढ़ेगी। वहीं कुछ किसानों ने उम्मीद जताई कि आगे से खरीदी में किसी प्रकार की दिक्कतें कम होंगी और प्रक्रिया सुचारू रूप से चलेगी। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई ने संदेश दिया है कि धान खरीदी केंद्रों में किसी भी प्रकार की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि धान खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह व्यवस्थित और किसान हितों के अनुरूप संचालित हो सके।
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