
तीन जिलों रायगढ़ अंबिकापुर, महासमुंद में निवृत्तमान और पूर्व अध्यक्ष आमने-सामने
ट्रिपल इंजन के बाद अब कारोबारी संगठन में भाजपा की जबरदस्त मोर्चाबंदी
इस बार बाजी किसके हाथ होगी व्यापारिक संगठन की कमान
20 अप्रैल को सीएम साय दिला सकते हैं शपथ
चेंबर अध्यक्ष का चुनाव सर्वसम्मति से हो चुका है, सिर्फ औपचारिक घोषणा बाकी हैरायपुर । कारोबारियों के प्रदेश के सबसे बड़े संगठन में त्रिवार्षिक चुनाव को लेकर घमासान मचा हुआ है। निवृत्तमान अध्यक्ष अमर पारवानी और पूर्व अध्यक्ष श्रीचंद्र सुंदरानी में बराबरी की टक्कर चल रही है। प्रदेश में विधानसभा - लोकसभा औऱ नगरीय निकाय -त्रिस्तरीय चुनाव में भाजपा की बंपर जीत ने भाजपा समर्थित व्यापारी संगठन में उत्साह बढ़ाया है तो निवृत्तमान अध्यक्ष अपने सांगठनिक कार्य के बलबूते फिर से चेंबर में हर हाल में काबिज होने की रणनीति बनाई है। मामला दोनों तरफ़ सूझबूझ औऱ व्यापारिक हितों के ईर्दगिर्द घूम रहा है। व्यापारियों के करीबियों का तो यहां तक कहना है कि इस बार चुनाव सबसे ज्य़ादा टफ नजर आ रहा है। दोनों तरफ से नए -नए मुद्दों को लेकर व्यापारियों को लुभावने वादों से समर्थन का राजनीति पूरे शबाब पर है। जीत के लिए दोनों संगठन एड़ी चोटी की जोर लगा रहे है। वहीं व्यापारियों की गोपनीय बैठकों का दौर चल रहा है। प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में कोई भी संगठन किसी से कम नजर नहीं आ रही है। सभी अपने वोटर्स और समर्थकों के साथ वोटरों के घरों में दस्तक देकर वोट पक्की करने में जुटे हुए है।माना जा रहृा है कि यदि सब कुछ ठीक-ठाक रहा है तो 15-18 अप्रैल की बीच चुनाव संपन्न हो जाएंगे और हो सकता है 20 तारीख को सीएम विष्णुदेव साय नए चेंबर पदाधिकारियों को शपथ दिला सकते है। रायगढ़ अंबिकापुर औऱ महासमुंद में तो स्थिति साफ होने से दो-चार दिन में चुनाव होने के आसार नजर आ रहे है।
चेंबर चुनाव को लेकर सभी जि़लों में लगभग सहमति के साथ तैयारी पूर्ण हो चुके हैं । तीन जि़लों में चुनाव होना बाक़ी है रायगढ़ अंबिकापुर और महासमुंद इन तीन जि़लों में चुनाव होने के उपरांत 20 तारीख़ को मुख्यमंत्री प्रदेश चैम्बर के पदाधिकारियों को शपथ दिलाएंगे । जाकारों का कहना है कि इस कार्यक्रम की रूपरेखा होने की संभावना है । रायगढ़ अंबिकापुर और महासमुंद में श्रीचंद सुंदरानी और अमर परवानी गुट आमने-सामने आम सहमति से क्षतिग्रस्त चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स के अध्यक्ष सतीश थरानी बन चुके हैं सिफऱ् घोषणा होना बाक़ी है। अब इस घोषणा को लेकर व्यापारिक मंडलियों में कयास लगाए जा रहे है। रायगढ़, अंबिकापुर औऱ महासमुंद के चुनाव होते ही पिक्चर क्लीयर हो जाएगा कि व्यापारियों से संगठन का नया कर्णधार कौन होगा।
सिंधी साहित्य अकादमी और हज कमेटी को लेकर सुगबुगाहट
निगम-मंडल-आयोगों में नियुक्ति के बाद प्रतिष्ठापूर्ण सामाजिक सेवा में समर्पित नेताओ्ं को मनोनयन को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है। खबरदारों की माने तो सिंधी साहित्य अकादमी के लिए जो दो नाम सबसे आगे चल रहे है उसमें पूर्व विधायक श्रीचंद्र सुंदरानी और भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी का नाम चल रहा है। कहा जा रहा है कि दोनों में पद को लेकर अंदर ही अंदर खिचड़ी पक रही है। सिंधी समाज में भाषाई समृद्धि के लिए काम करने की जुनून को मापदंड मानकर बहुत जल्द सिंधी साहित्य अकादमी में नियुक्ति की घोषणा हो सकती है। इसके बाद जल्द ही हज कमेटी को लेकर कोई बड़ा निर्णय पार्टी ले सकती है।





