छत्तीसगढ़

CG News: रिश्वत लेने के आरोप में पटवारी निलंबित

Shantanu Roy
29 Oct 2026 2:38 PM IST
CG News: रिश्वत लेने के आरोप में पटवारी निलंबित
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Bilaspur. बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। शासकीय राजस्व कार्य के एवज में 25 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सोशल मीडिया पर रिश्वत के लेन-देन से संबंधित वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई थी। जांच प्रतिवेदन में पटवारी के खिलाफ लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए जाने के बाद निलंबन का आदेश जारी किया गया है। इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप की स्थिति है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्यों में अनियमितता और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से खुला मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी के खिलाफ शासकीय राजस्व कार्य के बदले 25 हजार रुपये की रिश्वत लेने का आरोप सामने आया था। इससे संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद मामला प्रशासन के संज्ञान में आया। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मामले की जांच कराई। तहसीलदार पचपेड़ी ने वायरल वीडियो और संबंधित आरोपों की जांच के बाद 28 अक्टूबर 2026 को अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। जांच रिपोर्ट में पटवारी के विरुद्ध लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए। इसी प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर ने पटवारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की।

पचपेड़ी तहसील में पदस्थ थे पटवारी
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, ऋषिपुरी गोस्वामी पूर्व में पटवारी हल्का नंबर 14 में पदस्थ थे। वर्तमान में उनकी पदस्थापना तहसील पचपेड़ी के पटवारी हल्का नंबर 05 में थी। पटवारी पर आरोप है कि उन्होंने शासकीय राजस्व कार्य के बदले 25 हजार रुपये की रिश्वत ली। मामले में वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने संबंधित तथ्यों की जांच कराई। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई है। हालांकि, विभागीय जांच और आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मामले में अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।

कलेक्टर ने माना गंभीर कदाचरण
कलेक्टर द्वारा जारी निलंबन आदेश में पटवारी के कथित कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमों के विपरीत माना गया है। प्रशासन ने इसे गंभीर कदाचरण की श्रेणी में रखते हुए शासन की छवि धूमिल करने वाला कृत्य बताया है। आदेश में कहा गया है कि शासकीय कर्मचारी द्वारा इस प्रकार का आचरण सेवा नियमों के अनुरूप नहीं है। जांच प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया।

निलंबन के दौरान कोटा कार्यालय रहेगा मुख्यालय
निलंबन अवधि के दौरान पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी का मुख्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, कोटा कार्यालय निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। निलंबन अवधि में उन्हें निर्धारित मुख्यालय संबंधी प्रशासनिक निर्देशों का पालन करना होगा। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने संबंधित पटवारी के खिलाफ आगे की विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

सात दिनों में आरोप पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने तहसीलदार पचपेड़ी को निर्देश दिए हैं कि पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी के विरुद्ध आरोप पत्र तैयार कर सात दिनों के भीतर प्रस्तुत किया जाए। इस निर्देश के बाद अब मामले में विभागीय कार्रवाई आगे बढ़ेगी। आरोप पत्र के माध्यम से पटवारी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को औपचारिक रूप दिया जाएगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई निलंबन और विभागीय जांच की प्रक्रिया तक सीमित है। रिश्वत लेने के आरोपों के संबंध में आगे की जांच और नियमानुसार कार्रवाई के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
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