छत्तीसगढ़
CG: गर्ल्स हॉस्टल संचालक पर नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ का आरोप
Shantanu Roy
24 Sept 2025 10:09 PM IST

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छग
Bilaspur. बिलासपुर। सरकंडा थाना क्षेत्र से एक शर्मनाक मामला सामने आया है, जिसने शहर में सुरक्षा व्यवस्था और गर्ल्स हॉस्टल प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने Sure Zindagi Girls Hostel के संचालक गुरमीत सिंह (63 वर्ष, निवासी लिंगियाडीह) को नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। प्रार्थी ने पुलिस को बताया कि वह Sure Zindagi Girls Hostel में किराए पर रहती है और भारत टेंट हाउस में सिलाई का काम करती है। 22 सितंबर की रात काम से लौटकर उसने हॉस्टल संचालक को किराया दिया और अपने कमरे में सोने चली गई। दरवाजा बंद करना भूल जाने के कारण सुबह करीब 5 बजे गुरमीत सिंह उसके कमरे में घुस आया और गलत हरकत करने की कोशिश करने लगा।
पीड़िता ने बताया कि उसने विरोध किया और शोर मचाया, लेकिन आरोपी ने रुचि नहीं छोड़ी और दोबारा छेड़छाड़ करने की कोशिश की। खुद को बचाने के लिए पीड़िता ने आरोपी के हाथ में काटा, तभी आरोपी भाग खड़ा हुआ। घटना ने हॉस्टल में रहने वाली अन्य छात्राओं के बीच डर और असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। पीड़िता अनुसूचित जाति वर्ग की होने के कारण, पुलिस ने मामला गंभीरता से लेते हुए धारा 75(1)(प), 331(2) बीएनएस और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)V के तहत दर्ज किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनीश सिंह (भा.पु.से.) के निर्देश पर पुलिस की टीम तुरंत हरकत में आई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र जायसवाल और नगर पुलिस अधीक्षक निमितेश सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश कुमार पाण्डेय की नेतृत्व वाली टीम ने आरोपी को 23 सितंबर की दोपहर 3:45 बजे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा।
इस घटना ने बिलासपुर में हॉस्टल संचालन और नाबालिग छात्रों की सुरक्षा के मुद्दे को सार्वजनिक चर्चा का विषय बना दिया है। स्थानीय नागरिकों और छात्रों का कहना है कि हॉस्टल संचालक पर भरोसा करना कठिन हो गया है और प्रशासन को ऐसे संस्थानों में सुरक्षा कड़ी करने की आवश्यकता है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी गुरमीत सिंह के खिलाफ जांच जारी है और उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मामलों में तुरंत कार्रवाई करना आवश्यक है ताकि पीड़िता और अन्य छात्राओं को न्याय और सुरक्षा मिल सके। इस मामले ने हॉस्टल संचालकों और शिक्षा संस्थानों के प्रबंधन पर भी सवाल उठाए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि छात्रावास में सुरक्षा, निगरानी कैमरे और अनुशासित प्रबंधन प्रणाली आवश्यक हैं। इसके अभाव में नाबालिग छात्राओं की सुरक्षा को गंभीर खतरा होता है।
वहीं, पीड़िता और उसके परिवार ने पुलिस कार्रवाई की सराहना की है और बताया कि उनका उद्देश्य केवल न्याय पाना और भविष्य में अन्य छात्राओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने प्रशासन और पुलिस से अपील की है कि ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। स्थानीय सामाजिक संगठनों ने भी घटना की निंदा की है और कहा है कि नाबालिगों के प्रति अपराध करने वालों को कोई छूट नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने सरकार और प्रशासन से अपील की है कि हॉस्टल संचालकों और कर्मचारियों की पृष्ठभूमि की जांच सुनिश्चित की जाए और नियमित निगरानी की जाए। इस घटना ने शहर में छात्राओं की सुरक्षा के लिए नीति निर्माण और कठोर कार्यवाही की आवश्यकता को उजागर किया है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हॉस्टलों में नियमित जांच, सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग और कर्मचारियों की पृष्ठभूमि जांच को अनिवार्य किया जाएगा।
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