छत्तीसगढ़

CG: 35 लाख की फायर ब्रिगेड गायब, खरीद फाइल भी लापता

Shantanu Roy
1 May 2026 4:05 PM IST
CG: 35 लाख की फायर ब्रिगेड गायब, खरीद फाइल भी लापता
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Khairagarh. खैरागढ़। खैरागढ़ नगर पालिका में प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है, जहां करीब 35 लाख रुपये की लागत से खरीदी गई फायर ब्रिगेड वाहन पिछले कई वर्षों से गायब है। हैरानी की बात यह है कि इस वाहन से जुड़ी खरीद फाइल भी अब उपलब्ध नहीं है, जिससे पूरे मामले ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, अविभाजित राजनांदगांव जिले के दौरान गौण खनिज मद से नगर पालिका को दो किस्तों में लगभग 35 लाख रुपये की राशि जारी की गई थी। पहली किस्त में 13 लाख 13 हजार रुपये से वाहन का चेसिस खरीदा गया, जबकि दूसरी किस्त में 21 लाख रुपये से अधिक खर्च कर फायर ब्रिगेड वाहन को तैयार कराया गया था। यह वाहन अक्टूबर 2020 में नगर पालिका को सौंपा गया था।
शुरुआत में यह वाहन कुछ समय तक सेवा में रहा, लेकिन बाद में अमलीडीह के पास एक दुर्घटना का शिकार हो गया। इसके बाद वाहन को मरम्मत के लिए गैरेज में भेजा गया, लेकिन तब से यह आज तक नगर पालिका को वापस नहीं मिला है। मामले में यह भी सामने आया है कि जिस गैरेज में वाहन रखा गया है, वहां का किराया लगभग 7 लाख रुपये तक पहुंच चुका है। इसके बावजूद वाहन को वापस लाने या उसकी स्थिति स्पष्ट करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
वहीं नगर पालिका ने वर्ष 2023 में उपभोक्ता फोरम में बीमा कंपनी के खिलाफ दावा दायर किया था, जिसके बाद लगभग 8 लाख रुपये का सेटलमेंट भी प्राप्त हुआ। इसके बावजूद फायर ब्रिगेड वाहन को पुनः उपयोग में लाने या उसकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने में प्रशासन विफल रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस पूरे मामले से जुड़ी मूल खरीद फाइल भी अब गायब बताई जा रही है, जिससे वित्तीय अनियमितता और प्रशासनिक लापरवाही की आशंका और बढ़ गई है।
इस मामले पर खैरागढ़ एडीएम सुरेंद्र ठाकुर ने कहा है कि उन्हें मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी मिली है और वे सीएमओ से पूरी जानकारी लेकर जवाब-तलब करेंगे। उन्होंने कहा कि यह गंभीर मामला है और इसकी विस्तृत जांच की जाएगी। फायर ब्रिगेड जैसी महत्वपूर्ण आपातकालीन सेवा का वर्षों तक अनुपलब्ध रहना और दस्तावेजों का गायब होना नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जनता की सुरक्षा के लिए खरीदी गई यह सुविधा आखिर कहां गई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है, इसका जवाब प्रशासन को देना चाहिए। अब देखना होगा कि जांच के बाद इस मामले में क्या कार्रवाई होती है और वर्षों से लापता इस फायर ब्रिगेड वाहन की वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है।
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