छत्तीसगढ़

CG: करंट से हाथी की दर्दनाक मौत

Shantanu Roy
1 Aug 2025 11:52 PM IST
CG: करंट से हाथी की दर्दनाक मौत
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छग
Korba. कोरबा। जिले के कुदमुरा रेंज अंतर्गत बैगामार जंगल में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसमें करंट प्रवाहित तार की चपेट में आने से एक जंगली हाथी की मौत हो गई। यह घटना न केवल वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से चिंताजनक है, बल्कि इसने ग्रामीणों की खेती और वन्यजीवों के बीच टकराव की गंभीर स्थिति को भी उजागर कर दिया है। स्थानीय ग्रामीणों ने सुबह खेत की ओर जाते समय एक विशालकाय जंगली हाथी को मृत अवस्था में देखा। हाथी के पास ही खेत की सीमा पर बिछा हुआ बिजली प्रवाहित तार भी दिखा, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि करंट लगने से उसकी मौत हुई है। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

जांच के दौरान यह सामने आया कि खेत मालिक किसान ने फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए खेत के चारों ओर खुद ही बिजली का तार बिछाया था, जो करंट से प्रवाहित था। पूछताछ में किसान ने भी यह स्वीकार कर लिया है कि उसी ने यह तार लगाया था। उसने यह भी माना कि हाथी की मौत उसी के लगाए गए करंट प्रवाहित तार की वजह से हुई है। कटघोरा डीएफओ निशांत झा ने जानकारी देते हुए बताया कि हाथी की मौत को गंभीर वन्यजीव अपराध के रूप में दर्ज किया गया है और संबंधित किसान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मामले में यह भी जांच की जा रही है कि इस कार्य में और कौन-कौन शामिल था या किसने तकनीकी सहायता प्रदान की थी।

बताया जा रहा है कि जिस क्षेत्र में यह हादसा हुआ, वहां करीब 22 हाथियों का झुंड पिछले कुछ दिनों से सक्रिय रूप से विचरण कर रहा था। वन विभाग पहले से ही इनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए था। अब इस घटना के बाद पूरे इलाके में वन विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है और ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी परिस्थिति में बिजली प्रवाहित तार जैसे खतरनाक उपायों का प्रयोग न करें। वन विभाग द्वारा आसपास के गांवों में लोगों को वन्यजीव सुरक्षा और सह-अस्तित्व को लेकर जागरूक भी किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि फसलों की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक, सुरक्षित और स्वीकृत उपाय अपनाने चाहिए, जिससे जंगली जानवरों की जान जोखिम में न पड़े। यह घटना छत्तीसगढ़ में मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती समस्या की एक और कड़ी बनकर सामने आई है। हाथियों की लगातार हो रही मौतें चिंता का विषय हैं और इसके लिए दीर्घकालीन समाधान व जन-जागरूकता की सख्त जरूरत है।
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