छत्तीसगढ़

CG: साइबर ठगी के म्यूल अकाउंट का खुलासा, 3 आरोपी गिरफ्तार

Shantanu Roy
8 Oct 2026 8:54 PM IST
CG: साइबर ठगी के म्यूल अकाउंट का खुलासा, 3 आरोपी गिरफ्तार
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Bemetara. बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में साइबर ठगी के लिए म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। साइबर ठगों को अपने बैंक खाते उपलब्ध कराकर धोखाधड़ी की रकम का लेन-देन करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अलग-अलग बैंकों में अपने नाम से खाते खुलवाकर उनकी पासबुक और एटीएम कार्ड दूसरे लोगों को उपलब्ध कराते थे। इसके बदले उन्हें कमीशन मिलता था। पुलिस ने इस मामले में 2 लाख 37 हजार 820 रुपये के संदिग्ध लेन-देन का पता लगाया है। कार्रवाई के दौरान एक आरोपी के कब्जे से चार बैंक पासबुक और पांच एटीएम कार्ड जब्त किए गए हैं। जानकारी के अनुसार, बेमेतरा सिटी कोतवाली पुलिस को सूचना मिली थी कि पंजाब नेशनल बैंक के कुछ संदिग्ध खातों का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त रकम के लेन-देन के लिए किया जा रहा है। इन खातों को म्यूल अकाउंट के रूप में उपयोग किए जाने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की।

बैंक खातों में मिले साइबर ठगी के पैसे
पुलिस ने मामले की जांच के दौरान पंजाब नेशनल बैंक की बेमेतरा शाखा से संबंधित खातों की जानकारी मांगी। बैंक से मिले दस्तावेजों और लेन-देन के विवरण की जांच में संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं। पुलिस के अनुसार, 10 फरवरी 2024 से 1 नवंबर 2024 के बीच अलग-अलग तारीखों में इन खातों के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी की रकम प्राप्त की गई थी। जांच में 1,100 रुपये, 5,000 रुपये, 82,500 रुपये, 7,600 रुपये, 1,500 रुपये, 10,417 रुपये, 4,900 रुपये, 4,100 रुपये, 12,250 रुपये, 3,800 रुपये, 4,653 रुपये और 95,000 रुपये सहित विभिन्न रकम के लेन-देन की जानकारी मिली। पुलिस ने संबंधित बैंक खातों के माध्यम से कुल 2 लाख 37 हजार 820 रुपये की साइबर ठगी की रकम का उपयोग किए जाने की जानकारी दी है।

कमीशन के बदले ठगों को सौंपते थे बैंक खाते
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अपने नाम से बैंक खाते खुलवाकर उन्हें दूसरे व्यक्तियों के इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराते थे। इन खातों का उपयोग ऑनलाइन धोखाधड़ी से प्राप्त रकम को जमा करने और आगे लेन-देन करने के लिए किया जाता था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी इसके बदले कमीशन प्राप्त करते थे। इस प्रकार उनके बैंक खाते साइबर ठगी के नेटवर्क में म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल हो रहे थे।

पहले गिरफ्तार हो चुका है देवेंद्र टंडन
इस प्रकरण में पुलिस ने पहले आरोपी देवेंद्र कुमार टंडन को गिरफ्तार किया था। देवेंद्र कुमार टंडन (22 वर्ष) ग्राम कुम्ही, थाना बेरला, जिला बेमेतरा का निवासी है। पुलिस ने उसे 20 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। न्यायालय के आदेश पर आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया था। इसके बाद पुलिस ने मामले से जुड़े अन्य आरोपियों और संदिग्ध बैंक खातों की जांच आगे बढ़ाई।

जितेंद्र वर्मा ने दो बैंकों में खुलवाए खाते
पुलिस ने जांच के दौरान आरोपी जितेंद्र वर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि जितेंद्र ने पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र की देवरबीजा शाखा में अपने नाम से खाते खुलवाए थे। आरोप है कि उसने इन खातों की पासबुक और एटीएम कार्ड एक व्यक्ति को सौंप दिए थे। इसके बाद इन खातों का इस्तेमाल धोखाधड़ी की रकम के लेन-देन के लिए किया गया। जितेंद्र वर्मा (24 वर्ष), पिता मनहरण वर्मा, वार्ड क्रमांक 21, कुर्मीपारा, बेमेतरा का निवासी है।

चार बैंकों में खाते खुलवाकर भेजे एटीएम कार्ड
इस मामले में दूसरे आरोपी कुमार दास गायकवाड से पूछताछ में भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने एक अज्ञात व्यक्ति से मोबाइल फोन के माध्यम से संपर्क किया था। इसके बाद उसने पंजाब नेशनल बैंक, बंधन बैंक, यूनियन बैंक और एयरटेल पेमेंट बैंक में अपने नाम से खाते खुलवाए। आरोप है कि इन खातों के एटीएम कार्ड उसने सोशल मीडिया के माध्यम से अज्ञात व्यक्ति को भेज दिए थे। पुलिस जांच के अनुसार, इन बैंक खातों में साइबर धोखाधड़ी की रकम प्राप्त की जाती थी। आरोपी इस लेन-देन के बदले कमीशन प्राप्त कर उसका उपयोग करता था।

चार पासबुक और पांच एटीएम कार्ड जब्त
पुलिस ने आरोपी कुमार दास गायकवाड के कब्जे से चार बैंक पासबुक और पांच एटीएम कार्ड जब्त किए हैं। कुमार दास गायकवाड (27 वर्ष), पिता शिवचरण गायकवाड, ग्राम मुंगेला बाराडेरा, थाना चंदनू, जिला बेमेतरा का निवासी है। पुलिस ने जितेंद्र वर्मा और कुमार दास गायकवाड को 6 अक्टूबर 2026 को विधिवत गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

बीएनएस की धाराओं में अपराध दर्ज
सिटी कोतवाली पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(2), 317(4), 318(4) और 61(2) के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस अब संदिग्ध बैंक खातों, उनसे हुए लेन-देन और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है। मामले में साइबर ठगी की रकम किन लोगों से प्राप्त हुई और बैंक खाते इस्तेमाल करने वाले अन्य व्यक्ति कौन थे, इन तथ्यों की जांच जारी है। पुलिस के मुताबिक, बैंक खातों को साइबर ठगी के लिए उपलब्ध कराने के आरोप में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल उपलब्ध विवरण में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि है, जबकि शुरुआती सूचना में चार युवकों का उल्लेख किया गया है।
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