छत्तीसगढ़

CG BREAKING: 176 साइबर अपराधों का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

Shantanu Roy
1 Oct 2026 3:07 PM IST
CG BREAKING: 176 साइबर अपराधों का मास्टरमाइंड गिरफ्तार
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Mohla-Manpur-Ambagarh Chowki. मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी। साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला पुलिस ने अंतर्राज्यीय साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पश्चिम बंगाल से गिरोह के मुख्य सरगना सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरोह से जुड़े एक वर्चुअल बैंक खाते के जरिए देशभर में 1 लाख 71 हजार से अधिक लोगों को निशाना बनाया गया। इस खाते से संबंधित 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 176 आपराधिक प्रकरण दर्ज पाए गए हैं।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वाय.पी. सिंह के निर्देशन और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस मानपुर विनोद कुमार मिंज के मार्गदर्शन में की गई। खड़गांव थाना प्रभारी निरीक्षक सुशील त्रिपाठी और प्रशिक्षु उप निरीक्षक अब्दुल रियाज के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग लेन-देन का विश्लेषण करते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई। मामले की शुरुआत थाना खड़गांव में दर्ज अपराध क्रमांक 06/26 से हुई। यह प्रकरण बीएनएस की धारा 318(4) के तहत दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार इस मामले में पीड़ित से कुल 3 लाख 12 हजार 348 रुपये की ठगी की गई थी। ठगी की रकम अलग-अलग नौ बैंक खातों में ट्रांसफर कराई गई थी।
जांच के दौरान पुलिस ने इन बैंक खातों और लेन-देन का तकनीकी विश्लेषण किया। इसमें सामने आया कि आरोपियों ने वर्चुअल बैंक खाता संख्या 211071614 का उपयोग किया था। इस खाते में पीड़ित की रकम में से 60 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए थे। पुलिस ने जब इस वर्चुअल खाते की गहराई से जांच की तो इससे जुड़ा बड़ा साइबर नेटवर्क सामने आया। पुलिस के मुताबिक इसी वर्चुअल बैंक खाते के जरिए देशभर के 1 लाख 71 हजार से अधिक लोगों को साइबर ठगी का निशाना बनाया गया। खाते से संबंधित शिकायतों और दर्ज मामलों की जानकारी जुटाने पर पता चला कि देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इसके खिलाफ कुल 176 एफआईआर दर्ज हैं।
सबसे अधिक 54 मामले कर्नाटक में दर्ज मिले। इसके बाद बिहार में 46 और तेलंगाना में 28 मामले सामने आए। उत्तर प्रदेश में 10, केरल में आठ, महाराष्ट्र में सात, हरियाणा और तमिलनाडु में छह-छह मामले दर्ज मिले। दिल्ली में चार और पश्चिम बंगाल में तीन प्रकरण दर्ज हैं। इसके अलावा अंडमान निकोबार, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम और राजस्थान में एक-एक एफआईआर दर्ज पाई गई। इस नेटवर्क का असर स्थानीय स्तर पर भी सामने आया। पुलिस के अनुसार जिले के विभिन्न थानों में गिरोह से संबंधित कुल 31 शिकायतें दर्ज हैं। इनमें अंबागढ़ चौकी थाना क्षेत्र से 15, खड़गांव से नौ, मोहला से तीन, मानपुर से दो और गोटाटोला तथा मदनवाड़ा थानों से एक-एक शिकायत दर्ज की गई है।
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपियों तक पहुंचने की थी। बताया गया कि इस नेटवर्क से जुड़े आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे। देश के अलग-अलग राज्यों की पुलिस भी इस गिरोह की तलाश कर रही थी। इसके बावजूद आरोपी लंबे समय तक गिरफ्तारी से बचते रहे। जिला पुलिस की विशेष टीम ने बैंकिंग ट्रांजेक्शन, वर्चुअल खाते और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी। लगातार मिले इनपुट के आधार पर पुलिस टीम पश्चिम बंगाल पहुंची और 30 सितंबर 2026 को तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में आदित्य रजक को पुलिस ने गिरोह का मुख्य सरगना बताया है। वह पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के उत्तरपारा थाना क्षेत्र के कोननगर नवोग्राम का निवासी है। उसके साथ कृष्णा चौधरी और सुमन वर्मा को भी गिरफ्तार किया गया है। दोनों नार्थ 24 परगना जिले के टीटागढ़ थाना क्षेत्र स्थित महावीर मंदिर के पास वार्ड नंबर छह के रहने वाले बताए गए हैं। तीनों आरोपियों को गिरफ्तारी के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य बैंक खातों, लेन-देन और संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। इस बात का भी पता लगाया जा रहा है कि साइबर ठगी की रकम किन माध्यमों से आगे भेजी जाती थी और नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका थी।
इस बड़े साइबर ठगी नेटवर्क के खुलासे में प्रशिक्षु उप निरीक्षक अब्दुल रियाज, सहायक उप निरीक्षक धन सिंह महिलांगे, आरक्षक आशीष जोगी, आरक्षक नर्मदा प्रसाद पैकरा, महिला सहायक आरक्षक सरिता जाड़े और जिले की साइबर सेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। नागरिकों से कहा गया है कि किसी भी अनजान खाते, संदिग्ध लिंक या वर्चुअल बैंकिंग के झांसे में न आएं। साइबर ठगी की घटना होने पर तत्काल नजदीकी थाने या राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें, ताकि समय रहते संबंधित लेन-देन को ट्रैक किया जा सके और आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
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