छत्तीसगढ़
CG BREAKING: नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता, 52 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
Shantanu Roy
15 Jan 2026 6:47 PM IST

x
छग
Bijapur. बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों को नक्सल मोर्चे पर एक बड़ी कामयाबी मिली है। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘नियद नेल्लानार’ और प्रभावी पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर एक डीवीसीएम (डिवीजनल कमेटी मेंबर) समेत कुल 52 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वालों में 21 महिला और 31 पुरुष माओवादी शामिल हैं। इन सभी नक्सलियों पर कुल मिलाकर 1.41 करोड़ रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले ये सभी नक्सली फायरिंग, आईईडी ब्लास्ट, आगजनी, सुरक्षाबलों पर हमले और अन्य गंभीर नक्सली घटनाओं में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं। इन माओवादियों ने सीआरपीएफ के डीआईजी देवेंद्र सिंह नेगी, बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यूलेण्डन यार्क, डीएसपी शरद जायसवाल और उप पुलिस अधीक्षक विनीत साहू सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में आत्मसमर्पण किया।
पुलिस प्रशासन ने बताया कि लगातार चल रही सघन नक्सल विरोधी कार्रवाइयों, सुरक्षाबलों की बढ़ती पकड़ और सरकार द्वारा गांव-गांव तक पहुंचाई जा रही विकास योजनाओं का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। ‘नियद नेल्लानार’ योजना के तहत सुदूर अंचलों में सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी सुविधाएं मिलने से नक्सलियों का जनाधार कमजोर हुआ है, जिसके चलते बड़ी संख्या में माओवादी मुख्यधारा में लौटने का निर्णय ले रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2024 से अब तक 824 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जबकि 1126 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा विभिन्न मुठभेड़ों में सुरक्षा बलों ने 223 माओवादियों को मार गिराया है। ये आंकड़े राज्य में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान की सफलता को दर्शाते हैं। आत्मसमर्पण के बाद पुनर्वास नीति के तहत सभी 52 नक्सलियों को प्रोत्साहन स्वरूप 50-50 हजार रुपए की नगद राशि प्रदान की गई। इसके साथ ही उन्हें भविष्य में आजीविका, कौशल प्रशिक्षण और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए हर संभव सहायता देने का आश्वासन भी दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जो भी नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति और विकास की राह अपनाना चाहते हैं, उनके लिए सरकार के दरवाजे खुले हैं। यह आत्मसमर्पण न केवल सुरक्षा बलों की रणनीतिक सफलता है, बल्कि यह भी संकेत है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास की दिशा में हालात तेजी से बदल रहे हैं।
Tagsछत्तीसगढ़ न्यूज हिंदीछत्तीसगढ़ न्यूजछत्तीसगढ़ की खबरछत्तीसगढ़ लेटेस्ट न्यूजछत्तीसगढ़ न्यूज अपडेटछत्तीसगढ़ हिंदी न्यूज टुडेछत्तीसगढ़ हिंदीन्यूज हिंदी न्यूज छत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ हिंदी खबरछत्तीसगढ़ समाचार लाइवChhattisgarh News HindiChhattisgarh NewsNews of ChhattisgarhChhattisgarh Latest NewsChhattisgarh News UpdateChhattisgarh Hindi News TodayChhattisgarh HindiNews Hindi News ChhattisgarhChhattisgarh Hindi NewsChhattisgarh News Liveजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





