छत्तीसगढ़

CG BREAKING: नकली नोटों का बड़ा खेल, 12.50 लाख के जाली नोट बरामद, 3 गिरफ्तार

Shantanu Roy
11 Aug 2026 3:15 PM IST
CG BREAKING: नकली नोटों का बड़ा खेल, 12.50 लाख के जाली नोट बरामद, 3 गिरफ्तार
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Kawardha. कवर्धा। कबीरधाम पुलिस ने नकली नोट तैयार कर उन्हें बाजार में असली रकम के रूप में खपाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना बोड़ला, चौकी पोंडी और साइबर टीम की संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर कुल 12 लाख 50 हजार रुपये के नकली नोट बरामद किए गए हैं। इसके अलावा नकली नोट तैयार करने में इस्तेमाल किया जा रहा कलर प्रिंटर/फोटोकॉपी मशीन, मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल टाटा पंच ईवी कार भी पुलिस ने जब्त की है। पुलिस की कार्रवाई के बाद इलाके में नकली नोटों के इस नेटवर्क को लेकर हड़कंप मचा हुआ है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी जुलाई 2026 से नकली नोट तैयार करने का काम कर रहे थे। इसके लिए कलर प्रिंटर का इस्तेमाल किया जाता था। आरोपी पहले नकली नोट तैयार करते और फिर उन्हें अलग-अलग माध्यमों से असली रकम के तौर पर चलाने की कोशिश करते थे। इस पूरे मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब ग्राम कमराखोल निवासी दिनेश कुमार यादव ने चौकी पोंडी में शिकायत दर्ज कराई। दिनेश कुमार ने पुलिस को बताया कि उसने अप्रैल 2026 में घुरवा राम को 3 लाख 75 हजार रुपये उधार दिए थे। काफी समय बीतने के बाद जब उसने अपनी रकम वापस मांगी तो घुरवा राम ने जल्द ही पैसा लौटाने की बात कही।
9 अगस्त 2026 को घुरवा राम ने दिनेश कुमार को बताया कि उसके पैसे सतीश कुमार के माध्यम से भेजे जा रहे हैं। इसके लिए दिनेश कुमार को ग्राम पोंडी स्थित शराब भट्टी के पास बुलाया गया। रात करीब 9 बजे दिनेश कुमार अपने परिचित कैलाश चंद्रवंशी के साथ बताए गए स्थान पर पहुंचा। वहां सतीश कुमार और उसके एक साथी ने काले रंग के बैग में रकम दी। शुरुआत में दिनेश कुमार को रकम सामान्य लगी, लेकिन जब उसने नोटों की जांच की तो उसे कुछ गड़बड़ महसूस हुई। बैग खोलकर देखने पर उसमें 500-500 रुपये के कुल 4 लाख 50 हजार रुपये के संदिग्ध नकली नोट मिले।
मामले की गंभीरता को देखते हुए दिनेश कुमार ने 10 अगस्त को चौकी पोंडी में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने सतीश कुमार को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की। पूछताछ के दौरान पुलिस के सामने नकली नोट तैयार करने और उन्हें खपाने वाले पूरे नेटवर्क की जानकारी सामने आई। पुलिस के अनुसार सतीश कुमार ने रामप्रसाद उर्फ रमऊ और घुरवा राम के साथ मिलकर नकली नोट तैयार करने और उन्हें बाजार में चलाने की बात स्वीकार की।
सतीश से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने रामप्रसाद उर्फ रमऊ और घुरवा राम को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि तीनों आरोपी आपस में मिलकर नकली नोटों का कारोबार कर रहे थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि नकली नोट तैयार करने के लिए आरोपियों ने बाकायदा एक किराए का कमरा लिया था। यह कमरा नए बस स्टैंड के पास लिया गया था। इसी कमरे में कलर प्रिंटर की मदद से नकली नोट तैयार किए जाते थे।
पुलिस के मुताबिक 13 जुलाई को रामप्रसाद और सतीश कुमार ने एक कलर प्रिंटर खरीदा था। इसके बाद रामप्रसाद उर्फ रमऊ ने नए बस स्टैंड के पास कमरा किराए पर लिया। कमरे में रामप्रसाद और घुरवा राम नकली नोट तैयार करने का काम करते थे। नोट तैयार होने के बाद उन्हें आगे पहुंचाने और बाजार में खपाने की जिम्मेदारी सतीश कुमार और रामप्रसाद संभालते थे। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने अब तक कितनी मात्रा में नकली नोट तैयार किए और किन-किन इलाकों में उन्हें चलाने की कोशिश की।
पुलिस ने आरोपियों से कुल 8 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं। इसके अलावा दिनेश कुमार को दिए गए 4 लाख 50 हजार रुपये के नकली नोट भी पुलिस ने जब्त कर लिए हैं। इस तरह पूरे मामले में कुल 12 लाख 50 हजार रुपये के नकली नोट बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार सतीश कुमार के कब्जे से 2 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए गए। रामप्रसाद उर्फ रमऊ से 4 लाख 50 हजार रुपये के नकली नोट, एक मोबाइल फोन, एक कलर प्रिंटर/फोटोकॉपी मशीन और घटना में इस्तेमाल टाटा पंच ईवी कार जब्त की गई। वहीं घुरवा राम से 1 लाख 50 हजार रुपये के नकली नोट बरामद हुए। इसके अलावा शिकायतकर्ता को डिलीवरी किए गए 4 लाख 50 हजार रुपये के नकली नोट भी पुलिस ने अपने कब्जे में लिए हैं। इस प्रकार कुल 12 लाख 50 हजार रुपये के नकली नोट, एक कलर प्रिंटर/फोटोकॉपी मशीन, एक मोबाइल फोन और एक टाटा पंच ईवी कार जब्त की गई है।
गिरफ्तार आरोपियों में सतीश कुमार, पिता आधे राम, उम्र 33 वर्ष, निवासी मजगांव रोड, थाना कवर्धा; रामप्रसाद उर्फ रमऊ, पिता ललित राम, उम्र 56 वर्ष, निवासी तालपुर, थाना सिटी कोतवाली कवर्धा और घुरवा राम, पिता मोतीराम, निवासी कान्हाभैरा, थाना पिपरिया शामिल हैं। मामले में चौकी पोंडी, थाना बोड़ला में अपराध क्रमांक 101/2026 के तहत धारा 179 और 318(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया है। जांच के दौरान धारा 178, 180 और 181 बीएनएस भी जोड़ी गई है। पुलिस ने नकली नोटों और अन्य जब्त सामग्री को विधिवत कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस अब आरोपियों से नकली नोटों के नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं को लेकर भी पूछताछ कर रही है। जांच का एक प्रमुख बिंदु यह है कि नकली नोट बनाने के लिए आवश्यक सामग्री आरोपियों ने कहां से हासिल की। इसके अलावा पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जुलाई 2026 से अब तक आरोपियों ने कितने नकली नोट तैयार किए, उन्हें किन लोगों तक पहुंचाया और बाजार में कितनी रकम खपाई गई। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
कबीरधाम पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध नोट को स्वीकार करने से पहले उसकी अच्छी तरह जांच करें। यदि किसी व्यक्ति को कोई नोट संदिग्ध लगता है या किसी संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस थाना या चौकी को दें। पुलिस का कहना है कि समय पर मिली सूचना से नकली नोटों के प्रसार को रोकने में मदद मिल सकती है।
पूरी कार्रवाई में साइबर थाना कबीरधाम के निरीक्षक उमाशंकर राठौर, थाना बोड़ला चौकी पोंडी प्रभारी निरीक्षक
लक्ष्मीनारायण साव
, सउनि चंद्रकांत तिवारी, आशीष सिंह, संजीव तिवारी, प्रधान आरक्षक चुम्मन साहू, अभिनव तिवारी, ओम प्रकाश पटेल, खूबी साहू, आरक्षक संदीप शुक्ला, गज्जू ठाकुर, पूरन दास डाहिरे, देवेंद्र चतुर्वेदी, सोमेंद्र शर्मा और सतखोजन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की इस कार्रवाई से नकली नोट तैयार कर उन्हें बाजार में चलाने की कोशिश करने वाले गिरोह पर बड़ी कार्रवाई हुई है। अब जांच के आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और नकली नोटों के संभावित प्रसार का पता चलने की उम्मीद है।
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