छत्तीसगढ़
CG BREAKING: अवैध वसूली के आरोप में ASI और कॉन्स्टेबल सस्पेंड
Shantanu Roy
9 Oct 2025 11:04 PM IST

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Bilaspur. बिलासपुर। बिलासपुर में अवैध वसूली और धमकी के मामले में एसएसपी रजनेश सिंह ने कड़ी कार्रवाई करते हुए ASI सहेत्तर कुर्रे और कॉन्स्टेबल आशीष मिश्रा को सस्पेंड कर दिया है। प्रारंभिक जांच के बाद एसएसपी ने कहा कि इस मामले में टीआई के खिलाफ भी कार्रवाई की संभावना है। दोनों अधिकारी सीपत थाने में पदस्थ थे। जानकारी के अनुसार, पहले मामले में वाहन जांच और चालानी कार्रवाई के नाम पर व्यापारी से 24 हजार रुपए की वसूली की गई थी। वहीं, एक NTPC कर्मी पर शराब पीकर गाड़ी चलाने का आरोप लगाकर पुलिस ने 50 हजार रुपए की मांग की और धमकी दी। इस धमकी के डर से NTPC कर्मी ने जहर पी लिया, और उसे अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया।
एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि दोनों शिकायतों की जांच के लिए एडिशनल एसपी राजेंद्र जायसवाल को निर्देशित किया गया है। प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि प्राइवेट कंप्यूटर ऑपरेटर राजेश्वर कश्यप के खाते में दो किश्तों में कुल 24 हजार रुपए ट्रांसफर कराए गए थे। इसके अलावा, शिकायतकर्ता के खिलाफ धारा 185 के तहत कार्रवाई की गई और वाहन चालान किया गया। एसएसपी ने कहा कि एएसआई सहेत्तर कुर्रे और आरक्षक आशीष मिश्रा की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, इसलिए उन्हें निलंबित किया गया है। इसके साथ ही विभागीय जांच के निर्देश भी जारी किए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
NTPC कर्मी धीरेंद्र मंजारे (35), जो एचआर विभाग में कार्यरत हैं, को शराब लेने के दौरान पकड़कर थाने ले जाया गया। थाने में उसकी गाड़ी जब्त की गई और 50 हजार रुपए की मांग कर धमकी दी गई। डर के कारण उसने रास्ते में जहर पी लिया। उनकी पत्नी रामेश्वरी ने बताया कि यह घटना रविवार को हुई। व्यापारी अविनाश सिंह ठाकुर, नवाडीह चौक निवासी, ने अपनी शिकायत में बताया कि रविवार को वह अपने दोस्त रवि कश्यप के साथ सीपत थाने गया था। वहां थाना प्रभारी गोपाल सतपथी और आरक्षक उसके पास आए और कार्रवाई के नाम पर धमकाया। बिना कार्रवाई किए छोड़ने के लिए उनसे 50 हजार रुपए की मांग की गई। व्यापारी ने पैसे ऑनलाइन ट्रांसफर करने का प्रस्ताव रखा। इसके बाद राजेश्वर कश्यप के खाते में 22 हजार और 2 हजार रुपए दो किश्तों में ट्रांसफर कराए गए। इसके बाद वाहन को छोड़ दिया गया, लेकिन थोड़ी देर बाद वाहन को फिर से रोककर थाने ले जाया गया और कब्जे में लिया गया। इसके अलावा रवि कश्यप के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।
जानकारों का कहना है कि शहर के प्रत्येक थाने में थानेदार और अफसरों के लिए अलग व्यवस्था है। इस व्यवस्था के तहत या तो प्राइवेट व्यक्ति या करीबी पुलिसकर्मी अवैध लेन-देन में शामिल हैं। पुलिस के आला अधिकारियों को इसकी जानकारी है, लेकिन इसे व्यवस्था का रूप मान लिया गया है। थाने में अफसरों की बेगारी और अवैध उगाही इसी सिस्टम के कारण चलती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार की अवैध वसूली और धमकियों से लोकतांत्रिक व्यवस्था और नागरिक विश्वास प्रभावित होता है। एसएसपी की सख्ती इस दिशा में सकारात्मक कदम है, लेकिन पूरी सिस्टम में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है। एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि अवैध वसूली और भयादोहन का रिवाज समाप्त किया जा सके और नागरिकों का विश्वास बहाल हो।
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