छत्तीसगढ़

CG BREAKING: ACB की बड़ी कार्रवाई, 40 हजार की रिश्वत लेते लिपिक गिरफ्तार

Shantanu Roy
8 Jan 2026 9:01 PM IST
CG BREAKING: ACB की बड़ी कार्रवाई, 40 हजार की रिश्वत लेते लिपिक गिरफ्तार
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Jashpur. जशपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यालय में गुरुवार की शाम एक बड़ा एंटी करप्शन मामला सामने आया, जब विभाग के सहायक ग्रेड–2 लिपिक गिरीश कुमार वारे को 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी लिपिक ने यह रकम अपने ही विभाग के भृत्य से मांगी थी। जानकारी के अनुसार, भृत्य योगेश शांडिल्य, निवासी कांसाबेल, महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना कार्यालय में तैनात थे। उनकी पोस्टिंग दोकड़ा कार्यालय में थी, लेकिन जुलाई 2025 में उनका ट्रांसफर लोदाम कार्यालय में कर दिया गया। ट्रांसफर के बाद गिरीश वारे ने योगेश से संपर्क किया और कहा कि यह ट्रांसफर उन्होंने ही कराया है। इसके एवज में उन्होंने कुल 80 हजार रुपए की मांग की थी।

योगेश ने बताया कि गिरीश वारे ने लगातार फोन कॉल कर पैसों की मांग की और पहले 30 हजार रुपए भी दिए गए। इसके बाद लिपिक ने 10 हजार रुपए की छूट देते हुए शेष 40 हजार रुपए की डिमांड की। इस दौरान गिरीश वारे ने भृत्य की बाइक जब्त कर रख ली थी और कहा कि जब पैसे लाए जाएंगे तभी बाइक वापस दी जाएगी। कई बार निवेदन करने के बावजूद योगेश की बाइक वापस नहीं की गई, जिससे वह काफी क्षुब्ध हो गया। योगेश ने इस मामले की सूचना एंटी करप्शन ब्यूरो को दी। इसके बाद गुरुवार को भृत्य 40 हजार रुपए कैश लेकर जिला कार्यालय पहुंचा। एंटी करप्शन टीम ने पैसों में कैमिकल लगा दिया था और जैसे ही योगेश ने पैसे लिपिक गिरीश को सौंपे, टीम ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और लिपिक को रंगे हाथों पकड़ लिया।


एंटी करप्शन टीम ने बताया कि लिपिक गिरीश ने भृत्य पर मानसिक दबाव डालकर पैसे की मांग की और उसकी बाइक जब्त कर रखी थी। यह मामला भ्रष्टाचार और पद का दुरुपयोग का स्पष्ट उदाहरण है। योगेश ने साहसिक कदम उठाते हुए भ्रष्ट अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करवाई, जिससे भ्रष्टाचार के खिलाफ मजबूत संदेश गया। जिला कार्यालय और विभागीय कर्मचारियों में इस घटना के बाद हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में एंटी करप्शन ब्यूरो की कार्रवाई सभी के लिए चेतावनी है कि पद का दुरुपयोग करने वाले कोई भी सुरक्षित नहीं हैं।

वहीं, एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई देर शाम तक जारी रही। गिरफ्तारी के बाद लिपिक गिरीश वारे के खिलाफ विधिक कार्रवाई की गई और उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह मामला उन कर्मचारियों के लिए उदाहरण बन सकता है जो पद का गलत इस्तेमाल कर भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। इस मामले ने यह भी उजागर किया कि सरकारी विभागों में पारदर्शिता और जिम्मेदारी सुनिश्चित करना कितना महत्वपूर्ण है। भृत्य की सतर्कता और एंटी करप्शन टीम की तत्परता ने भ्रष्टाचार के खिलाफ मजबूत संदेश दिया है। जिला प्रशासन ने कहा कि सभी सरकारी कार्यालयों में इसी प्रकार की निगरानी और कार्रवाई से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सकेगा। यह घटना न केवल जशपुर जिले में बल्कि पूरे राज्य में सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
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