छत्तीसगढ़

CG: ट्रक खरीद के नाम पर 9 लाख की ठगी, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

Shantanu Roy
16 May 2026 6:27 PM IST
CG: ट्रक खरीद के नाम पर 9 लाख की ठगी, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
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Kanker. कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर क्षेत्र में ट्रक खरीद-बिक्री के नाम पर करीब 9 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी संजय भास्कर तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने रकम के गबन की बात स्वीकार कर ली, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामला तब सामने आया जब सुनीता यादव और राहुल कुमार रोडे ने साझेदारी में एक ट्रक खरीदने के लिए आरोपी संजय भास्कर तिवारी से संपर्क किया था। आरोपी ने नरेंद्र भोयर के नाम पर पंजीकृत 16 चक्का ट्रक को 29,42,722 रुपये में बेचने का सौदा तय किया था। सौदे के अनुसार पीड़ितों ने किस्तों में भुगतान किया।

जानकारी के अनुसार, सुनीता यादव ने 2,50,000 रुपये नकद दिए, जबकि राहुल आरदे ने अपने खाते से गूगल पे के माध्यम से कुल 6,88,838 रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर किए। ये रकम आरोपी की पत्नी सरिता राजपूत, मनदीप मिश्रा, दिनेश और चोलामंडलम फाइनेंस कंपनी के नाम पर भेजी गई थी। कुल मिलाकर लगभग 9 लाख 38 हजार रुपये का भुगतान किया गया। पैसे लेने के बावजूद आरोपी ने वाहन का नामांतरण खरीदारों के नाम पर नहीं कराया और न ही ट्रक सौंपा। बाद में जब पीड़ितों ने दस्तावेजों और वाहन की मांग की, तो आरोपी टालमटोल करता रहा। इसके बाद उन्हें धोखाधड़ी का संदेह हुआ और मामला भानुप्रतापपुर थाने में 12 मई को दर्ज कराया गया। पुलिस ने शिकायत दर्ज होते ही जांच शुरू की।

तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की तलाश की। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर संजय भास्कर तिवारी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने ट्रक बेचने के नाम पर रकम लेकर गबन किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर गुमराह करने की कोशिश की थी, ताकि लेनदेन का पूरा हिसाब स्पष्ट न हो सके। मामले में बैंक ट्रांजेक्शन और डिजिटल पेमेंट की जांच भी की जा रही है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है, खासकर जिन खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन की गहराई से जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस धोखाधड़ी में और कौन-कौन शामिल हो सकता है।
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