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Baloda Bazar-Bhatapara. बलौदाबाजार-भाटापारा। जिले में लंबे समय से फरार स्थायी और गिरफ्तारी वारंटियों के खिलाफ पुलिस ने सात दिवसीय विशेष अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस टीमों ने अभियान के दौरान 50 स्थायी वारंटी और 17 गिरफ्तारी वारंटी सहित कुल 67 लोगों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए वारंटियों में वर्ष 2012 से फरार चल रहा एक आरोपी भी शामिल है, जिसे अंतरजिला दबिश के बाद पकड़ा गया। पुलिस अधीक्षक गौरव राय के निर्देशन में कानून व्यवस्था मजबूत करने और न्यायालय से जारी लंबित वारंटों की तामील के लिए 17 से 24 अगस्त 2026 तक यह विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के लिए जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारियों को अपने क्षेत्रों के फरार वारंटियों की सूची तैयार कर उनकी तलाश करने के निर्देश दिए गए थे।
अभियान के दौरान स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाने के साथ वारंटियों के रिश्तेदारों, परिचितों और संभावित ठिकानों की जानकारी निकाली गई। पुलिस को कई आरोपियों के दूसरे जिलों में छिपे होने की सूचना मिली थी। इसके बाद अलग-अलग पुलिस टीमों को संबंधित जिलों में भेजकर दबिश की कार्रवाई की गई। बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस की टीमों ने जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, रायपुर, मंदिर हसौद, महासमुंद और कोरबा सहित विभिन्न स्थानों पर वारंटियों की तलाश की। पुलिसकर्मियों ने प्राप्त सूचनाओं का सत्यापन करते हुए संभावित ठिकानों पर दबिश दी। इस दौरान कई आरोपी अपने मूल पते से दूर छिपे हुए मिले, जिन्हें संबंधित वारंट के आधार पर पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार सात दिवसीय अभियान में वर्षों से फरार 50 स्थायी वारंटियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा 17 गिरफ्तारी वारंटों की तामील की गई।
इस तरह अभियान के दौरान कुल 67 लंबित वारंट तामील किए गए। पकड़े गए वारंटियों के खिलाफ चेक बाउंस, आबकारी अधिनियम, नारकोटिक्स, चोरी और मारपीट सहित अलग-अलग मामलों में वारंट जारी हुए थे। अभियान की प्रमुख सफलता वर्ष 2012 से फरार एक स्थायी वारंटी की गिरफ्तारी रही। पुलिस के मुताबिक आरोपी करीब 14 वर्षों से अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। वह पुलिस को चकमा देकर अलग स्थान पर छिपकर रह रहा था। आरोपी की तलाश के लिए पुरानी जानकारी और वर्तमान ठिकाने से जुड़े तथ्यों को एकत्र किया गया। पुलिस टीम ने आरोपी के संभावित ठिकाने की पुष्टि करने के बाद अंतरजिला दबिश देकर उसे पकड़ लिया। लंबे समय से फरार रहने के कारण इस वारंटी की गिरफ्तारी को अभियान की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस अब अन्य पुराने मामलों में फरार चल रहे वारंटियों की सूची के आधार पर भी तलाश जारी रखेगी।
विशेष अभियान में भाटापारा शहर थाना पुलिस का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा। भाटापारा शहर पुलिस ने अकेले 18 स्थायी वारंट तामील किए। जिले के किसी एक थाने द्वारा तामील किए गए स्थायी वारंटों की यह सर्वाधिक संख्या रही। थाना पुलिस ने स्थानीय सूचना तंत्र और लगातार दबिश के माध्यम से इन वारंटियों को पकड़ने में सफलता प्राप्त की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कई वारंटी लंबे समय से न्यायालय में उपस्थित नहीं हो रहे थे और गिरफ्तारी से बचने के लिए बार-बार अपना स्थान बदल रहे थे। ऐसे लोगों की तलाश के लिए तकनीकी जानकारी, स्थानीय संपर्क और मुखबिरों से मिली सूचनाओं का सहारा लिया गया। अंतरजिला पुलिस समन्वय के माध्यम से भी आरोपियों के ठिकानों तक पहुंचा गया। पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने अभियान में शामिल सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों और पुलिस टीमों के कार्य की प्रशंसा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून से बचकर फरार चल रहे आरोपियों, असामाजिक तत्वों और लंबित वारंटियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। जिले के प्रत्येक थाना क्षेत्र में पुराने वारंटों की समीक्षा कर फरार आरोपियों की धरपकड़ के निर्देश दिए गए हैं।
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