छत्तीसगढ़
विकास कार्यों की धीमी रफ्तार पर CEO सख्त, तकनीकी सहायक बर्खास्त
Shantanu Roy
28 Oct 2026 9:37 PM IST

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छग
Jagdalpur. जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में वीबी-जी रामजी योजना के तहत स्वीकृत विकास कार्यों की धीमी प्रगति को लेकर जिला पंचायत प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिले में योजना के अंतर्गत कुल 1,807 कार्यों को स्वीकृति दी गई है, जिनके लिए 5,561.34 लाख रुपये यानी लगभग 55.61 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। पर्याप्त बजट और कार्यों की स्वीकृति के बावजूद निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रगति नहीं होने पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तन्मय खन्ना ने नाराजगी जताई है। कार्यों में लापरवाही और कमजोर प्रदर्शन के मामले में चार तकनीकी सहायकों के संबंध में कार्रवाई की गई है। इनमें एक तकनीकी सहायक की सेवा समाप्त की गई है, एक की सेवा वृद्धि रोकी गई है, जबकि दो तकनीकी सहायकों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।
55.61 करोड़ रुपये के विकास कार्य स्वीकृत, फिर भी प्रगति धीमी
बस्तर जिले में वीबी-जी रामजी योजना के तहत ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन से जुड़े कुल 1,807 कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इन कार्यों के लिए 5,561.34 लाख रुपये की राशि स्वीकृत होने के बावजूद योजना के क्रियान्वयन की स्थिति अपेक्षा के अनुरूप नहीं पाई गई। जिला पंचायत सीईओ तन्मय खन्ना ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्य निष्पादन की समीक्षा की। समीक्षा में सामने आया कि कुछ तकनीकी सहायकों द्वारा निर्धारित जिम्मेदारियों का गंभीरता से पालन नहीं किया जा रहा था, जिसके कारण स्वीकृत कार्यों की प्रगति प्रभावित हो रही थी।
चार तकनीकी सहायकों पर कार्रवाई, एक की सेवा समाप्त
जिला पंचायत प्रशासन ने कार्यों की धीमी रफ्तार और लापरवाही को लेकर चार तकनीकी सहायकों के मामलों में कार्रवाई की है। प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जिम्मेदारियों के निर्वहन में गंभीर कोताही के बीच दो तकनीकी सहायकों ने अपने पदों से त्यागपत्र प्रस्तुत किया है। वहीं, कार्य निष्पादन और प्रदर्शन के आधार पर एक तकनीकी सहायक की सेवा समाप्त कर दी गई है। इसके अलावा एक अन्य तकनीकी सहायक की सेवा वृद्धि रोक दी गई है। जिला पंचायत प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विकास कार्यों की प्रगति में लापरवाही और जिम्मेदारियों के प्रति उदासीनता को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मैदानी निरीक्षण और कार्यों की समीक्षा होगी तेज
जिला पंचायत सीईओ तन्मय खन्ना ने योजना की निगरानी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत स्वीकृत कार्यों की नियमित समीक्षा, मैदानी निरीक्षण और निर्माण तथा विकास कार्यों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि कार्यों की वास्तविक प्रगति का लगातार आकलन किया जाए और जहां कार्य शुरू नहीं हुए हैं, वहां उन्हें प्राथमिकता के आधार पर प्रारंभ कराया जाए। साथ ही कार्यों की गुणवत्ता और निर्धारित समयसीमा का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है।
श्रमिकों को रोजगार देने और मानव दिवस बढ़ाने के निर्देश
जिला पंचायत सीईओ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि स्वीकृत कार्यों को जल्द शुरू कर अधिक से अधिक ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही मानव दिवस सृजन में तेजी लाने और जिले की प्रगति को राज्य स्तर पर निर्धारित अपेक्षाओं के अनुरूप लाने पर जोर दिया गया है। अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए स्पष्ट किया गया है कि काम में अनावश्यक देरी या लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
लापरवाही मिलने पर आगे भी होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
सीईओ तन्मय खन्ना ने स्पष्ट किया है कि वीबी-जी रामजी योजना शासन की महत्वपूर्ण योजना है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जिला पंचायत प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को स्वीकृत कार्य जल्द शुरू कराने, निर्धारित समयसीमा में पूरा करने और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही जिला पंचायत द्वारा योजना की प्रगति की लगातार निगरानी की जाएगी। निर्धारित लक्ष्य पूरे नहीं होने या कार्य निष्पादन में उदासीनता पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आगे भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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