छत्तीसगढ़
सावधान! मिठाई खरीदने से पहले पढ़ लें ये खबर, 21 सैंपल जांच, 2 प्रतिष्ठानों पर केस; खाद्य विभाग अलर्ट
Shubhra Nandy
6 Nov 2026 11:48 AM IST

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बड़ा एक्शन
कांकेर : छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में दीपावली और त्योहारी सीजन के दौरान मिठाइयों एवं अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका को देखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग अलर्ट मोड पर है। आम नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभाग ने जिले के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों में सघन निरीक्षण अभियान चलाया है। इस दौरान मिठाई, पनीर, दूध, दही, नमकीन और घी समेत 21 खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए रायपुर भेजे गए हैं। वहीं, अनियमितताएं मिलने पर दो खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए गए हैं और तीन कारोबारियों को सुधार नोटिस जारी किया गया है। जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम लगातार मिठाई दुकानों, कन्फेक्शनरी के थोक प्रतिष्ठानों, किराना दुकानों और होटलों का निरीक्षण कर रही है। त्योहारों के समय मिठाइयों और दुग्ध उत्पादों की मांग बढ़ने को देखते हुए विभाग ने खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, स्वच्छता और भंडारण व्यवस्था पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है।
काजू कतली, रसगुल्ला और बर्फी समेत 21 नमूने लिए गए
निरीक्षण अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने अलग-अलग प्रतिष्ठानों से काजू कतली, छेना रसगुल्ला, खीर कदम, चॉकलेट मावा बर्फी, कलाकंद, बालूशाही, खोवा और बादाम बर्फी के नमूने एकत्र किए। इसके अलावा पेड़ा, लड्डू, नारियल बर्फी, पनीर, दूध, दही, नमकीन और घी सहित कुल 21 खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजे गए हैं। विभाग के अनुसार, प्रयोगशाला की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नमूनों की गुणवत्ता की स्थिति स्पष्ट होगी। यदि किसी खाद्य पदार्थ का नमूना निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता है, तो संबंधित कारोबारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
दो प्रतिष्ठानों पर प्रकरण दर्ज, तीन को सुधार नोटिस
खाद्य एवं औषधि प्रशासन कार्यालय कांकेर के अभिहित अधिकारी सुष्मित देवांगन ने बताया कि निरीक्षण के दौरान बिना लाइसेंस अथवा पंजीयन के खाद्य कारोबार संचालित करने और एक्सपायरी खाद्य सामग्री बेचने जैसी अनियमितताएं सामने आई हैं। इन मामलों में दो खाद्य प्रतिष्ठानों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इसके अतिरिक्त तीन खाद्य कारोबारियों को व्यवस्थाओं में सुधार के लिए इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों ने प्रतिष्ठान संचालकों को साफ-सफाई बनाए रखने, खाद्य पदार्थ तैयार करने में अखाद्य रंगों का उपयोग नहीं करने और स्वच्छ पेयजल इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही खाद्य सामग्री को अखबारी कागज में रखने से भी मना किया गया है।
मिठाई खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि त्योहारों में मिठाई और अन्य खाद्य सामग्री खरीदते समय विशेष सावधानी बरतें। विभाग ने अत्यधिक कृत्रिम रंग वाली मिठाइयों और संदिग्ध गुणवत्ता वाली खुली खाद्य सामग्री से बचने की सलाह दी है। पैकेटबंद सामग्री खरीदते समय उसका लेबल, निर्माण तिथि और उपयोग की अंतिम तिथि जरूर जांचने को कहा गया है। यदि किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता संदिग्ध लगे या किसी प्रतिष्ठान में अनियमितता दिखाई दे, तो इसकी सूचना खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को दी जा सकती है। फिलहाल विभाग द्वारा संकलित सभी 21 नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय होगा कि किन खाद्य पदार्थों में गुणवत्ता संबंधी कमी पाई गई है और आगे किन प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कार्रवाई आवश्यक होगी।
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