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Durg. दुर्ग। भिलाई के हाईटेक अस्पताल में करीब 32 लाख रुपये के कथित गबन का मामला सामने आया है। अस्पताल में करीब छह वर्षों से कैशियर के पद पर कार्यरत कर्मचारी पर संस्थान की नकद राशि बैंक में जमा करने के बजाय अपने पास रखने का आरोप है। इतना ही नहीं, आरोपी कथित तौर पर अधिकारियों को ई-मेल के जरिए राशि बैंक में जमा होने की गलत जानकारी भेजकर लगातार गुमराह करता रहा। मामले की शिकायत मिलने के बाद स्मृति नगर पुलिस ने जांच कर आरोपी कैशियर जसविंदर सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के पास से गबन की रकम से खरीदा गया करीब डेढ़ लाख रुपये कीमत का Samsung कंपनी का मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। मामले में वित्तीय लेन-देन और अन्य दस्तावेजों की जांच जारी है।
अस्पताल संचालक ने दर्ज कराई शिकायत
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, हाईटेक अस्पताल भिलाई के संचालक मनोज अग्रवाल ने चौकी स्मृति नगर में लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में अस्पताल में पिछले करीब छह वर्षों से कैशियर के रूप में कार्यरत जसविंदर सिंह पर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाए गए। आरोप है कि कैशियर को अस्पताल की नकद राशि बैंक में जमा करने की जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन उसने रकम बैंक में जमा करने के बजाय कथित तौर पर अपने पास रखनी शुरू कर दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने अस्पताल से संबंधित वित्तीय दस्तावेज, बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य अभिलेखों की जांच की।
जांच में सामने आया करीब 32 लाख का मामला
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में करीब 32 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता और गबन से जुड़े तथ्य सामने आए। इसके बाद थाना सुपेला की चौकी स्मृति नगर में अपराध क्रमांक 1301/2026 दर्ज किया गया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(4) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने यह पता लगाने का प्रयास किया कि अस्पताल से प्राप्त नकद राशि को किस तरह संभाला जाता था और बैंक में जमा होने वाली रकम का रिकॉर्ड कैसे तैयार किया जाता था।
फर्जी ई-मेल से छिपाता था वास्तविक स्थिति
पुलिस का दावा है कि आरोपी ने कैशियर के पद और उस पर किए गए भरोसे का फायदा उठाया। अस्पताल की नकद राशि बैंक में जमा नहीं करने के बाद वह संबंधित अधिकारियों को ई-मेल के माध्यम से रकम जमा होने की गलत जानकारी देता था। इससे अधिकारियों को यह विश्वास होता रहा कि संस्थान की नकदी नियमित रूप से बैंक में जमा हो रही है। आरोप है कि इसी तरीके से आरोपी ने वास्तविक वित्तीय स्थिति को लंबे समय तक छिपाए रखा। जब बैंकिंग रिकॉर्ड और अस्पताल के दस्तावेजों का मिलान किया गया तो कथित गड़बड़ी सामने आई।
डेढ़ लाख रुपये का मोबाइल जब्त
विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी जसविंदर सिंह से पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से Samsung कंपनी का एक मोबाइल फोन जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस का दावा है कि यह मोबाइल गबन की गई रकम से खरीदा गया था। आरोपी जसविंदर सिंह उम्र 46 वर्ष रुआबांधा सेक्टर भिलाई का रहने वाला है। उसे न्यायालय के समक्ष पेश कर न्यायिक रिमांड की कार्रवाई की जा रही है।
बाकी रकम को लेकर जांच जारी
करीब 32 लाख रुपये के कथित गबन के मामले में पुलिस की विवेचना अभी जारी है। वित्तीय दस्तावेजों और लेन-देन की विस्तृत जांच के जरिए रकम के इस्तेमाल से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि गबन की कथित रकम कहां और किस तरह खर्च की गई। मामले से जुड़े बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है। पुलिस ने व्यावसायिक संस्थानों से वित्तीय लेन-देन और बैंक में जमा की जाने वाली रकम का नियमित सत्यापन करने की अपील की है। किसी भी तरह की वित्तीय अनियमितता या गबन की जानकारी सामने आने पर तत्काल शिकायत करने को कहा गया है।
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