छत्तीसगढ़

9वीं की छात्रा से छेड़छाड़ का मामला, प्रभारी प्रिंसिपल सस्पेंड

Shantanu Roy
28 Oct 2026 9:07 PM IST
9वीं की छात्रा से छेड़छाड़ का मामला, प्रभारी प्रिंसिपल सस्पेंड
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Mahasamund. महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के सरकारी स्कूल में कक्षा 9वीं की नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ और अश्लील हरकत करने के आरोप में प्रभारी प्राचार्य एवं व्याख्याता जीवन प्रसाद देवांगन को निलंबित कर दिया गया है। आरोपी शिक्षक पर स्कूल परिसर में शराब पीने का भी गंभीर आरोप है। मामले में तुमगांव पुलिस ने 10 अक्टूबर 2026 को आरोपी को गिरफ्तार किया था। लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ ने विभागीय कार्रवाई करते हुए शिक्षक को निलंबित करने का आदेश जारी किया है। यह निलंबन 10 अक्टूबर 2026 से प्रभावी माना जाएगा। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है।
स्कूल स्टाफ की छुट्टी के बाद छात्रा से छेड़छाड़ का आरोप
मामला तुमगांव थाना क्षेत्र के ग्राम अछोला स्थित शासकीय हाईस्कूल का है। शिकायत के अनुसार, 10 अक्टूबर को स्कूल में आधे दिन के बाद छुट्टी कर दी गई थी। अधिकांश विद्यार्थी घर जा चुके थे और स्कूल के ज्यादातर कर्मचारी भी परिसर से निकल गए थे। इसी दौरान प्रभारी प्राचार्य जीवन प्रसाद देवांगन ने कथित तौर पर कक्षा 9वीं की एक छात्रा को अपने कार्यालय में बुलाया। आरोप है कि कार्यालय में छात्रा के साथ अनुचित व्यवहार और छेड़छाड़ की गई। घटना के बाद छात्रा बेहद परेशान हो गई और रोते हुए स्कूल से बाहर निकली।
रोते हुए घर पहुंची छात्रा, मां को बताई आपबीती
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना के बाद जब स्कूल का सफाई कर्मचारी प्राचार्य कार्यालय में ताला लगाने पहुंचा, तो उसने छात्रा को रोते हुए देखा। इसके बाद छात्रा अपने घर पहुंची। बेटी को परेशान देखकर मां ने उससे कारण पूछा। छात्रा ने अपनी मां को स्कूल में हुई कथित घटना की जानकारी दी। मामले का पता चलते ही परिजनों में नाराजगी फैल गई। परिवार ने स्कूल के प्रभारी प्राचार्य पर गंभीर आरोप लगाए और घटना की शिकायत करने का निर्णय लिया।
मामला दबाने के लिए घर पहुंचने का भी आरोप
परिजनों का आरोप है कि घटना के कुछ समय बाद प्रभारी प्राचार्य छात्रा के घर पहुंचे और मामले को आपसी बातचीत से समाप्त करने का प्रयास किया। इससे नाराज छात्रा की मां ने कथित तौर पर आरोपी को थप्पड़ मार दिया। विवाद बढ़ने पर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। कुछ ग्रामीण आरोपी के साथ मारपीट करने पर उतारू हो गए थे, लेकिन अन्य लोगों ने उन्हें रोककर कानूनी कार्रवाई करने की सलाह दी। इसके बाद डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी गई। ग्रामीणों और परिजनों की शिकायत के आधार पर तुमगांव पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू की।
स्कूल परिसर में शराब पीने का भी गंभीर आरोप
आरोपी व्याख्याता पर विद्यालय परिसर में शराब का सेवन करने का आरोप भी लगाया गया है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि घटना के समय आरोपी शराब के नशे में था। पुलिस द्वारा ब्रेथ एनालाइजर से जांच कराए जाने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, जांच रिपोर्ट के विस्तृत आंकड़े सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं। शिक्षा विभाग की प्रारंभिक जांच में छात्रा से छेड़छाड़ और स्कूल परिसर में शराब सेवन संबंधी शिकायतों की पुष्टि होने की रिपोर्ट सामने आई है।
पॉक्सो एक्ट और बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज
तुमगांव पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 और 75(1) के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अतिरिक्त नाबालिग छात्रा से संबंधित अपराध होने के कारण पॉक्सो अधिनियम की धारा 8 और 10 भी लगाई गई है। पुलिस ने आरोपी को 10 अक्टूबर को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा था। मामले में पुलिस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
48 घंटे से अधिक न्यायिक हिरासत में रहने पर निलंबन
लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ के संचालक ने आरोपी व्याख्याता जीवन प्रसाद देवांगन को निलंबित करने का आदेश जारी किया है। विभागीय आदेश के अनुसार, आरोपी के 48 घंटे से अधिक समय तक न्यायिक अभिरक्षा में रहने के कारण सेवा नियमों के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन को 10 अक्टूबर 2026 से प्रभावी माना गया है। निलंबन अवधि में संबंधित शिक्षक को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी। शिक्षा विभाग की ओर से आगे की विभागीय प्रक्रिया भी जारी रहेगी।
पहले भी छेड़छाड़ के आरोप में कार्रवाई होने की जानकारी
मामले में आरोपी शिक्षक के खिलाफ पूर्व में भी इसी तरह की शिकायत सामने आने की जानकारी दी गई है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2015-16 के दौरान तुरेंगा स्कूल में पदस्थ रहने के समय भी उसके खिलाफ एक छात्रा से छेड़छाड़ का मामला दर्ज हुआ था। उस समय तत्कालीन जिला पंचायत सीईओ द्वारा निलंबन की कार्रवाई किए जाने की जानकारी है। बाद में शिक्षक की बहाली हुई और उसे अछोला हाईस्कूल में पदस्थ किया गया। हालांकि, पुराने प्रकरण की वर्तमान न्यायिक स्थिति और उसमें हुए अंतिम निर्णय की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा और शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता एक बार फिर चर्चा में आ गई है। विशेष रूप से नाबालिग छात्राओं की सुरक्षा, विद्यालय परिसर में कर्मचारियों के आचरण और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल आरोपी शिक्षक के खिलाफ विभागीय निलंबन की कार्रवाई हो चुकी है। पुलिस मामले की विवेचना कर रही है। आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
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