छत्तीसगढ़

रायपुर में बालिका आश्रय गृह में मारपीट का मामला, FIR दर्ज

Shantanu Roy
27 May 2026 6:41 PM IST
रायपुर में बालिका आश्रय गृह में मारपीट का मामला, FIR दर्ज
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Raipur. रायपुर। रायपुर जिले में बाल संरक्षण एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित प्रतिज्ञा विकास संस्थान, खुला आश्रय गृह (बालिका), सुंदर नगर में बच्चों के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा इस मामले में गंभीर अनियमितताओं और बच्चों के साथ हिंसा की शिकायत के आधार पर थाना डी.डी. नगर को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला बाल संरक्षण अधिकारी द्वारा भेजे गए प्रतिवेदन के अनुसार, दिनांक 23.04.2026 को आश्रय गृह का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि संस्था में निवासरत तीन बालिकाओं के साथ संस्था की कर्मचारी ज्योति वर्मा, जो कि बाह्य पहुंच कार्यकर्ता (ORW) के पद पर कार्यरत हैं, द्वारा डंडे से मारपीट की गई। निरीक्षण टीम द्वारा बालिकाओं से की गई बातचीत में यह भी सामने आया कि अन्य बालिकाओं के साथ भी इसी प्रकार का व्यवहार किया गया है। प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया है कि यह कृत्य किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 के प्रावधानों के विपरीत है और इसे गंभीर अपराध की श्रेणी में माना गया है।

प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्टया भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 115(2) और 3(5) के तहत अपराध घटित होना पाया गया है। इसी आधार पर जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने थाना प्रभारी, थाना डी.डी. नगर को पत्र भेजकर संस्था के संचालक, समन्वयक तथा कर्मचारी ज्योति वर्मा के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि मामले की विधिवत जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही सपना सिंह, संरक्षण अधिकारी (संस्थागत देखरेख) को प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए अधिकृत किया गया है। विभाग ने मामले को गंभीर मानते हुए तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

प्रतिवेदन की प्रतिलिपि संचालक, महिला एवं बाल विकास विभाग नवा रायपुर, कलेक्टर रायपुर तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी को भी सूचनार्थ भेजी गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस घटना के बाद आश्रय गृह की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। प्रशासनिक स्तर पर जांच के आदेश के साथ ही संबंधित संस्थान की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है। पुलिस द्वारा मामला दर्ज होने के बाद आगे की विस्तृत जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार यह मामला बाल संरक्षण संस्थानों में निगरानी और अनुशासन व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। विभाग ने संकेत दिया है कि सभी आश्रय गृहों की जांच और निरीक्षण प्रक्रिया को और सख्त किया जाएगा ताकि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा या दुर्व्यवहार की पुनरावृत्ति न हो। स्थानीय स्तर पर भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है और सामाजिक संगठनों ने भी बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की मांग की है।
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