छत्तीसगढ़

तालाब में मिला हाथी शावक का शव, डूबने से मौत की आशंका

Shantanu Roy
30 Sept 2026 9:22 PM IST
तालाब में मिला हाथी शावक का शव, डूबने से मौत की आशंका
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Raigarh. रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब तमनार वन परिक्षेत्र के छैडोरिया गांव के पास स्थित एक तालाब में हाथी शावक का शव मिला। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू की। प्रारंभिक जानकारी में शावक की मौत तालाब में डूबने से होने की बात सामने आई है। जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह छैडोरिया गांव के कुछ ग्रामीण तालाब की ओर गए थे। इसी दौरान उनकी नजर पानी में पड़े हाथी शावक के शव पर पड़ी। घटना की जानकारी गांव में फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके के आसपास पहुंचने लगे। ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दी।
सूचना मिलते ही तमनार वन परिक्षेत्र की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों और कर्मचारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हाथी शावक के शव को तालाब से बाहर निकालने की कार्रवाई की। इसके साथ ही आसपास के क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से भी निगरानी बढ़ाई गई। वन विभाग के अनुसार इस क्षेत्र में पिछले लंबे समय से हाथियों का बड़ा दल विचरण कर रहा है। रायगढ़ वन मंडल के घरघोड़ा एसडीओ आशुतोष मंडावा ने बताया कि छैडोरिया गांव के पास तालाब में डूबने से हाथी शावक की मौत होने की प्रारंभिक जानकारी है। पोस्टमॉर्टम के बाद मौत के कारण की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
एसडीओ के मुताबिक क्षेत्र में करीब 51 हाथियों का एक बड़ा दल विचरण कर रहा था। इनमें से एक हाथी दूसरी दिशा में चला गया है। इसी दल में हाल ही में जन्मे शावक की मौत हुई है। वन विभाग अब यह जानकारी भी जुटा रहा है कि घटना के समय हाथियों का दल किस दिशा में मौजूद था और शावक किन परिस्थितियों में तालाब तक पहुंचा। तमनार और आसपास के वन क्षेत्रों में हाथियों की आवाजाही पहले से बनी हुई है। हाथियों के दल के गांवों के करीब पहुंचने के कारण वन विभाग की टीमें लगातार निगरानी करती हैं और ग्रामीणों को भी सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। शावक का शव मिलने के बाद विभाग ने आसपास के इलाकों में हाथियों की गतिविधियों पर नजर और तेज कर दी है।
वन अधिकारियों की टीम मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। तालाब के आसपास के निशान, हाथियों के आने-जाने के मार्ग और घटना स्थल की स्थिति का परीक्षण किया जा रहा है। विभाग यह भी देख रहा है कि शावक दल से अलग कैसे हुआ और क्या तालाब में उतरने के दौरान वह बाहर नहीं निकल सका। शावक के शव का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। पशु चिकित्सकों की रिपोर्ट के आधार पर ही मौत का वास्तविक कारण आधिकारिक रूप से स्पष्ट होगा। इसके बाद वन विभाग की ओर से आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। हाथी शावक की मौत से स्थानीय ग्रामीणों में भी चिंता है। क्षेत्र में बड़े हाथी दल की मौजूदगी के कारण वन विभाग ने ग्रामीणों से जंगल और हाथियों के संभावित विचरण क्षेत्र में सावधानी बरतने को कहा है।
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