छत्तीसगढ़

लाल आतंक के विरुद्ध जारी है अभियान, खत्म हो रहा नक्सलवाद: CM साय

Shantanu Roy
11 Nov 2025 6:37 PM IST
लाल आतंक के विरुद्ध जारी है अभियान, खत्म हो रहा नक्सलवाद: CM साय
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छग
Bijapur. बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से बड़ी खबर सामने आई है। जिले के अंदरूनी इलाकों में चल रही मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पुष्टि की है कि डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व ग्रुप) और एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) की संयुक्त कार्रवाई में अब तक 6 नक्सली मारे गए हैं। मुख्यमंत्री ने इसे “लाल आतंक के समूल नाश की दिशा में बड़ी सफलता” बताया है और जवानों के साहस की सराहना की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, “आज बीजापुर में हमारी पुलिस की डीआरजी और एसटीएफ की संयुक्त टीम नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में लगी हुई है। इस मुठभेड़ में अब तक 6 नक्सली न्यूट्रलाइज किए गए हैं। यह सुरक्षाबलों की बहादुरी और समर्पण का प्रतीक है। मैं सभी जवानों को सलाम करता हूं।”


साय ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश
नक्सलवाद
उन्मूलन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “हमारा संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक देश और प्रदेश से नक्सलवाद का अंत किया जाएगा। आज की कार्रवाई उसी दिशा में एक बड़ा कदम है। नक्सलवाद अब अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है।” बीजापुर में यह मुठभेड़ मंगलवार सुबह से शुरू हुई थी। सुरक्षाबलों को इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी, जिसके बाद डीआरजी और एसटीएफ की संयुक्त टीम को रवाना किया गया। मुठभेड़ के दौरान दोनों ओर से गोलियां चलीं। कार्रवाई के दौरान मौके से हथियार, विस्फोटक सामग्री और नक्सली साहित्य भी बरामद किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, मारे गए नक्सलियों में कुछ पर भारी इनाम घोषित था, हालांकि अभी तक उनकी पहचान की औपचारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। इलाके में तलाशी अभियान जारी है और अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में पिछले कुछ महीनों से सुरक्षाबलों ने लगातार सफलता हासिल की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कार्यभार संभालने के बाद नक्सल मोर्चे पर रणनीति को और तेज किया गया है। केंद्र और राज्य दोनों स्तर पर नक्सल प्रभावित इलाकों में सघन अभियान चलाए जा रहे हैं, जिनका असर अब साफ नजर आने लगा है।
साय ने कहा कि राज्य सरकार का फोकस सिर्फ नक्सल उन्मूलन तक सीमित नहीं है, बल्कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास, सड़क निर्माण, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को भी समानांतर रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नक्सलियों को अब यह समझ लेना चाहिए कि हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास की मुख्यधारा में शामिल होना ही एकमात्र विकल्प है। राज्य सरकार ने हाल ही में बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिलों में पुलिस बलों के साथ-साथ स्थानीय युवाओं की सहभागिता बढ़ाने की योजना भी शुरू की है, ताकि खुफिया नेटवर्क और क्षेत्रीय सहयोग को और मजबूत किया जा सके। बीजापुर की यह मुठभेड़ नक्सल विरोधी मोर्चे पर एक और निर्णायक सफलता के रूप में देखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि आने वाले महीनों में ऐसे अभियान और तेज किए जाएंगे।
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