छत्तीसगढ़
CAF जवान की गोली लगने से मौत, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
Shantanu Roy
3 Oct 2026 4:35 PM IST

x
छग
Bijapur. बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के फरसेगढ़ थाना क्षेत्र स्थित सेंड्रा कैंप में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) के आरक्षक विजेंद्र ठाकुर (42) की गोली लगने से मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। शुरुआती जांच में पुलिस ने सर्विस इंसास राइफल से खुद को गोली मारने की आशंका जताई है, लेकिन जवान के परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक परिस्थितियों को सामने लाने की मांग की है।
घटना बुधवार सुबह सेंड्रा कैंप में हुई थी। पुलिस के मुताबिक विजेंद्र ठाकुर की सुबह 3 बजे से 5 बजे तक सुरक्षा ड्यूटी थी। ड्यूटी समाप्त होने के बाद जब वह वापस नहीं लौटे तो साथी जवानों ने उनकी तलाश शुरू की। बाद में कैंप परिसर में उनका शव मिला। उनके सीने में गोली लगी थी और पास में उनकी सर्विस इंसास राइफल होने की जानकारी सामने आई।
घटना के बाद कैंप में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस शुरुआती तौर पर इसे खुद को गोली मारने का मामला मानकर जांच कर रही है, हालांकि इस कदम के पीछे की वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। फरसेगढ़ थाना प्रभारी आनंद शुक्ला के मुताबिक विजेंद्र ठाकुर करीब 75 दिन की छुट्टी के बाद महज 10 दिन पहले ही कैंप में वापस लौटे थे। उन्होंने ड्यूटी ज्वाइन कर ली थी और घटना के दिन भी निर्धारित सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले उनकी गतिविधियां क्या थीं और उन्होंने किन लोगों से बातचीत की थी।
इस बीच जवान का शव सूरजपुर स्थित उनके गांव पहुंचने के बाद मामला और गंभीर हो गया। शुक्रवार को परिजनों और ग्रामीणों ने मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाए। परिजनों ने दावा किया कि विजेंद्र ठाकुर आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकते थे। उन्होंने हत्या की आशंका जताते हुए मामले की गहराई से जांच की मांग की है। परिजनों की आपत्ति के बाद पुलिस जांच के सामने अब कई पहलू हैं। गोली चलने की परिस्थितियों, सर्विस राइफल की फॉरेंसिक जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस साथी जवानों से भी पूछताछ कर रही है।
बस्तर संभाग में इससे पहले भी सुरक्षा बलों के जवानों की सर्विस हथियार से मौत के मामले सामने आए हैं। बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और कांकेर में पिछले वर्षों में ऐसी अलग-अलग घटनाएं दर्ज हुई हैं। कुछ घटनाएं ड्यूटी के दौरान हुईं तो कुछ कैंप या बैरक में सामने आईं। हालांकि प्रत्येक मामले की परिस्थितियां अलग रही हैं, इसलिए पुरानी घटनाओं के आधार पर मौजूदा मामले के कारण को लेकर निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
सेंड्रा कैंप की घटना में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी है कि विजेंद्र ठाकुर लंबी छुट्टी के बाद करीब 10 दिन पहले ही ड्यूटी पर लौटे थे। पुलिस इस अवधि से जुड़ी परिस्थितियों और सहकर्मियों से हुई बातचीत की जानकारी भी जुटा रही है। फिलहाल पुलिस ने किसी अंतिम कारण की पुष्टि नहीं की है। शुरुआती जांच में खुद को गोली मारने की आशंका जताई गई है, जबकि परिजन हत्या की आशंका व्यक्त कर रहे हैं। पोस्टमार्टम, फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विजेंद्र ठाकुर की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
Next Story





