छत्तीसगढ़

त्योहारी सीजन शुरू होते ही नकली सामान खपाने वाले कारोबारी सक्रिय

jantaserishta.com
20 Oct 2021 5:47 AM GMT
त्योहारी सीजन शुरू होते ही नकली सामान खपाने वाले कारोबारी सक्रिय
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नकली उत्पादों का गढ़ बना रायपुर

जसेरि रिपोर्टर
रायपुर। पुलिस विभाग के साथ प्रदेश में खाद्य विभाग और वाणिज्यकर विभाग के साथ केंद्रीय जीएसटी विभाग की उदासीनता के चलते नकली सामान पूरे साल आसानी से बाजार में खप जाता है। आटोपार्टस से लेकर मेडिसीन, खाद्य पदार्थ, दैनिक उपभोग की वस्तुएं, साबुन, शैम्पू, दंत मंजन, बिस्किट, कुरकुरे, चिप्स, डिटरजेंट पाउडर नामचीन और बड़ी कंपनियों के नाम पर नकली उत्पाद का राजधानी रायपुर गढ़ बन चुका है। यहां पर सक्रिय सिंडिकेट बड़ी कंपनियों के उत्पादों के हू-ब-हू नकली उत्पाद तैयार कर प्रदेश भर के बड़े बाजारों से लेकर गांव-कस्बों में इसे सस्ते दाम पर खपाया जा रहा है।
दुकानदार मोटे कमीशन के लालच में ये सामान बेच रहे हैं, वहीं नकली से अनजान ग्राहक भी कम कीमत पर सामान पाकर खुश हैं। दरअसल रायपुर में हिंदुस्तान यूनिलीवर कंपनी के क्रीम व चायपत्ती का जखीरा मिलने के बाद यह साबित हो गया है कि छत्तीसगढ़ में नकली खाद्य सामग्री, कास्मेटिक से लेकर सारा सामान आसानी से खपाया जा रहा है। गोलबाजार के बंजारी चौक स्थित जेएन ट्रेडर्स कंपनी में छापामारी के बाद दुकान के संचालक पिता-पुत्र को पुलिस ने हिरासत में लिया था, लेकिन राजनीतिक दबाव में मुख्य आरोपित पिता को न बनाकर केवल बेटे मनीष जयसिंघानी के खिलाफ अपराध दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी की थी।
करोड़ों का कारोबार
राजधानी सहित प्रदेश भर में ब्रॉडेड कंपनी के नाम पर नकली सामान खपाने का कारोबार बेखौफ चल रहा है। अकेले रायपुर में हर महीने करोड़ों रुपये के इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण, कास्मेटिक, खाद्य सामग्री, कपड़े समेत अन्य सामान खपाया जा रहा है। दरअसल नामी कंपनियों के ट्रेडमार्क, स्टीकर का इस्तेमाल कर कारोबारी नकली सामान बेचने का गोरखधंधा रायपुर से लेकर पूरे प्रदेश में चला रहे हैं। पुलिस का दावा है कि सूबे में हर महीने 30 करोड़ के नकली उत्पाद बेचा जा रहा है। नकली सामान बेचने के गोरखधंधे में अब आनलाइन शापिंग साइट भी शामिल हो गई है। जानकार खरीदारों का कहना है कि स्नैपडील, फ्लिपकार्ट, नापतौल, अमेजॉन समेत अन्य साइट पर आर्डर देने पर उन्हें नकली उत्पाद प्राप्त हुए हैं। वहीं कारोबारियों का दावा है कि ऑनलाइन खरीदारी में सबसे अधिक इलेक्ट्रॉनिक्स, कास्मेटिक, स्पोर्टस का सामान, कपड़े आदि नकली सप्लाई किए जा रहे हैं।
पान समाला से लेकर ब्रांडेट उत्पादों के नकली माल बाजार में
राखी, दशहरा, दीपावली, शादी-ब्याह के सीजन में बाजार में नकली प्रोडक्ट खपाने वाले गिरोह थोक में हेराफेरी करते है। मिलते जुलते नाम और आकर्षक पैकेजिंग वाले डिब्बों ग्राहकों को नकली और गुणवत्ताहीन उत्पाद खपाने वालों का पूरा का पूरा सिंडिकेट बना हुआ है। जो उत्पादक से लेकर थोक और चिल्हर व्यापारिओं का चैन बना हुआ है जो नकली उत्पाद को बड़ी आसानी से शहर से गांव तक पहुंचा कर अनाप-शनाप कमाई कर रहे है। पिछले साल गोलबाजार पुलिस ने एक नामी कंपनी के हूबहू नकली सामान और उत्पाद बेचते पकड़ाए थे। कोरोना विदाई के कगार पर है । बाजार में राखी के बाद दशहरा दीपावली की खरीदी को लेकर उपभोक्ता बाजार की ओर रूख कर रहे हैं। ऐसे ही मौके की तलाश में नकली उत्पाद वाले रहते हैं। जो सस्ते में नकली माल टिकाने का खेल खेलते हैं। पान मसाला से लेकर जिन उत्पादों की सबसे धिक डिमांड है उन ब्रांडेट कंपनियों के नाम से बाजार में नकली सामान खपाने की तैयारी कर कारोबारी बाजार में उतर गए हैं। सावधान रहिए जागरूक बनिए सरकार की चेतावनी और संदेश को आमआदमी को ध्यान देखना, पढऩा और उसे अपने जीवन में लागू करना चाहिए जिससे त्योहारी सीजन में ठगी से बच सकते है। वैसे भी राजधानी रायपुर छत्तीसगढ़ बनने से पहले से नकली उत्पाद की बिक्री के लिए कुख्यात रहा है। राजधानी बनने के बाद तो नकली फ्रोडक्ट वालों ने आफिसियल मुख्यालय बना लिया है जहां हर साल करोड़ों अरबों के नकली उत्पाद खपाते हैं। पिछले साल गोलबाजार पुलिस ने त्योहारी सीजन में तीन जगहों पर छापामार कार्रवाई कर ॉ ब्रांडेड कंपनी के नकली प्रोडक्ट बरामद किए। यह प्रोडक्ट सिविल लाइंस पुलिस ने बरामद किया हैं। मामले में शहर के अलग-अलग इलाकों में दुकान चलाने वाले व्यापारियों को भी पकड़ा गया है। अब इस मामले में क्या हुआ किसी को जानकारी ही नहीं है। बात आई गई हो गई । ये कारोबारी नकली सामान लाकर इन्हें असली के दामों बेच रहे थे। सिविल लाइंस में शिकायत हिंदुस्तान यूनिलीवर के अनिल मल्होत्रा ने उनके कंपनी के मिलते जुलते नाम वाले प्रोडक्ट बेचने की शिकायत की थी।
कंंपनी को जानकारी मिली थी राजधानी के कुछ दुकानों में इनकी कंपनी के नकली ब्रांड बेचे जा रहे हैं। इस शिकायत पर सिविल लाइंस पुलिस ने एक टीम बनाई और राजेंद्र नगर, श्याम नगर और चंगोराभाटा में छापा मारा। इन इलाकों की दुकानों से ब्रूक बॉन्ड चाय, डव शैम्पू और सर्फ एक्सल के पैकेट मिले। इन पर असली ब्रांड की तरह की ब्रांडिंग और लोगो का इस्तेमाल किया गया था। मामले में पुलिस कॉपी राइट एक्ट के तहत कार्रवाई की । इस केस में प्रताप बनर्जी को राजेंद्र नगर से, कैलाश असीजा, श्याम नगर और प्रकाश पृथ्वानी नाम के किराना दुकान संचालक को चंगोरा भाटा इलाके से पकड़ा था। पुलिस ने इन दुकानदारों से पूछाछ कि आखिर कहां से इन्हें नकली सामान मिला इस पर कोई जानकारी पुलिस के हाथ नहीं लगी है।


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