छत्तीसगढ़
CBI और IPS अफसर बनकर कारोबारी को 44 दिन रखा डिजिटल अरेस्ट
Shantanu Roy
5 Oct 2026 10:38 PM IST

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छग
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जहां 66 वर्षीय कारोबारी को कथित तौर पर 44 दिनों तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ रखकर 8.50 लाख रुपए ठग लिए गए। आरोपियों ने खुद को CBI और IPS अधिकारी बताकर कारोबारी को 6.80 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसने का डर दिखाया। जेल भेजने और परिवार के सदस्यों को गिरफ्तार कराने की धमकी देकर अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई। पीड़ित ने पैसे जुटाने के लिए अपनी जमा-पूंजी के साथ सोने के जेवर तक बेच दिए। मामला खमतराई थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक पीड़ित देवसिंह साहू उम्र 66 वर्ष उरकुरा के बजरंग नगर में रहते हैं और किराना दुकान चलाते हैं। 18 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे उनके पास एक महिला का फोन आया। महिला ने कथित मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की बात कहते हुए उनकी बातचीत आदित्य नाम के व्यक्ति से कराई।
आरोप है कि आदित्य ने देवसिंह से उनके परिवार, जमीन और बैंक खातों से संबंधित जानकारी ली। इसके बाद बलराज सिंह नाम के एक व्यक्ति ने खुद को CBI अधिकारी बताते हुए उनसे पूछताछ शुरू कर दी। कुछ देर बाद वीडियो कॉल के जरिए प्रदीप सिंह नाम के व्यक्ति से बातचीत कराई गई, जिसने खुद को IPS अधिकारी बताया। पीड़ित के अनुसार प्रदीप ने उसे बताया कि उसके नाम से ICICI बैंक में 6.80 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग हुई है। यह सुनकर कारोबारी घबरा गया। आरोपियों ने कथित जांच के नाम पर कहा कि रकम का मिलान करने के लिए उसे अपने बैंक खाते से पैसे जमा करने होंगे। ऐसा नहीं करने पर CBI की कार्रवाई और परिवार के सदस्यों की गिरफ्तारी की धमकी दी गई।
आरोपियों ने कारोबारी को लगातार निगरानी में रखने जैसा माहौल बनाया। उससे हर घंटे वीडियो कॉल के माध्यम से अपडेट देने के लिए कहा जाता था। देवसिंह और उनकी पत्नी इंदु साहू को भी वीडियो कॉल पर सामने बैठे रहने के निर्देश दिए जाते थे। इस तरह कारोबारी को लंबे समय तक डर और दबाव में रखा गया। पुलिस में की गई शिकायत के मुताबिक यह सिलसिला करीब 44 दिनों तक चलता रहा। आरोपियों ने जेल और गिरफ्तारी का डर दिखाकर कारोबारी से अलग-अलग बैंक खातों में कुल 8.50 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए। रकम की व्यवस्था करने के लिए देवसिंह ने अपनी जमा-पूंजी का इस्तेमाल किया। इसके बाद भी रकम की मांग जारी रही तो उसने सोने के जेवर तक बेच दिए।
लगातार पैसे मांगने और वीडियो कॉल के जरिए दबाव बनाए जाने से परेशान कारोबारी ने आखिरकार अपने छोटे भाई को पूरी घटना बताई। भाई को जानकारी मिलने के बाद कथित साइबर ठगी का खुलासा हुआ। इसके बाद देवसिंह पुलिस के पास पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने रविवार को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जिन बैंक खातों में 8.50 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए, उनकी जानकारी खंगाली जा रही है। इसके साथ ही कॉल करने वाले लोगों और लेन-देन से संबंधित अन्य जानकारियों की जांच की जा रही है। पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि इस ठगी के पीछे कौन लोग शामिल हैं और रकम किन खातों में पहुंची। फिलहाल खमतराई पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
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