छत्तीसगढ़

रक्षाबंधन पर बहन संग लौट रहे भाई की 13 दिन बाद मौत, तेज रफ्तार बाइक ने छीनी जिंदगी

Shantanu Roy
24 Aug 2025 7:11 PM IST
रक्षाबंधन पर बहन संग लौट रहे भाई की 13 दिन बाद मौत, तेज रफ्तार बाइक ने छीनी जिंदगी
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Karamtara/Rajnandgaon. करमतरा/राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से एक दर्दनाक सड़क हादसे का मामला सामने आया है। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर बहन संग घर लौट रहे युवक की 13 दिन बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसा 9 अगस्त 2025 की शाम को लालबाग थाना क्षेत्र के ग्राम रानीतराई में हुआ था। इस घटना में बहन भी गंभीर रूप से घायल हुई थी, जबकि भाई की हालत लगातार नाजुक बनी रही। आखिरकार 22 अगस्त को रायपुर के ILS अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया।
हादसे की पूरी कहानी
ग्राम करमतरा निवासी पीड़िता ने बताया कि वह कक्षा पाँचवीं तक पढ़ी-लिखी है और खेती-किसानी एवं घरेलू कार्य करती है। 9 अगस्त को वह अपने भाई धरमदास साहू पिता रिघू राम साहू, निवासी ग्राम संबलपुर, थाना लालबाग के साथ रक्षाबंधन पर्व मनाने और LIC बीमा कंपनी के काम से ग्राम औंरी गई थी। भाई-बहन स्प्लेण्डर आई स्मार्ट (क्रमांक CG-07-AX-2171) मोटरसाइकिल पर सवार होकर निकले थे। शाम लगभग 7 बजे वे औंरी से लौटकर करमतरा की ओर आ रहे थे। जब वे ग्राम रानीतराई स्थित साहू होटल और देवेंद्र गैरेज के बीच पहुंचे, तभी राजनांदगांव की ओर से आ रही मोटरसाइकिल (क्रमांक CG-24-R-2138) ने तेज और लापरवाहीपूर्वक, उतावलेपन से खतरनाक ढंग से चलाते हुए सामने से टक्कर मार दी।
मौके पर अफरा-तफरी
तेज धमाके के साथ हुई इस टक्कर में बहन और भाई दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। बहन के बाएं पैर और कमर में चोटें आईं, वहीं उसके चेहरे और नाक से खून बहने लगा। उधर भाई धरमदास साहू के सिर और चेहरे पर गहरी चोटें आईं। सड़क पर हादसा देखते ही राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। उसी समय ग्राम संबलपुर का निवासी सुरेंद्र साहू वहां से गुजर रहा था। उसने घायल धरमदास को पहचान लिया और तत्काल उनके परिजनों को सूचना दी। इसके बाद परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे और धरमदास को प्राइवेट कार से इलाज के लिए संजीवनी अस्पताल राजनांदगांव ले जाया गया।
13 दिन तक चला इलाज
घटना के बाद पीड़िता को भी उसके भतीजे थानूराम साहू (निवासी औंरी) ने मोटरसाइकिल से ग्राम सिंघोला स्थित निजी अस्पताल ले जाकर इलाज कराया। वहीं धरमदास की हालत गंभीर थी। वह 9 अगस्त से ही संजीवनी अस्पताल में भर्ती रहा। करीब 11 दिन तक वहां इलाज चला। 20 अगस्त को स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टरों ने धरमदास को ILS अस्पताल रायपुर रेफर किया। लेकिन बेहतर इलाज के बावजूद 22 अगस्त को उसकी मौत हो गई।
बहन का दर्द – भाई को बचा नहीं पाए
हादसे में घायल बहन का कहना है कि रक्षाबंधन के दिन भाई के साथ यह हादसा उनकी जिंदगी को बदल गया। परिवार के लोग लगातार अस्पतालों में इलाज कराते रहे, लेकिन आखिरकार भाई को नहीं बचा सके। हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। घटना की जानकारी पर स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसा करने वाला बाइक सवार काफी तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चला रहा था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल मृतक के परिजनों को न्याय और मुआवजे की उम्मीद है।
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