छत्तीसगढ़
लोकसभा में बृजमोहन अग्रवाल ने उठाया उर्वरक सुरक्षा का मुद्दा
Shantanu Roy
7 Aug 2026 6:41 PM IST

x
छग
New Delhi/Raipur. नई दिल्ली/रायपुर। रायपुर लोकसभा सीट से सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा संसद में उठाए गए उर्वरक सुरक्षा के मुद्दे पर केंद्र सरकार ने विस्तृत जानकारी देते हुए स्पष्ट किया है कि देश में फॉस्फेटिक एवं पोटाश (P&K) उर्वरकों के लिए हर वर्ष लगभग 30 से 35 लाख मीट्रिक टन सल्फर (गंधक) की आवश्यकता होती है, जबकि सरकार ने वर्ष 2025-26 के दौरान 41.92 लाख मीट्रिक टन सल्फर और उससे संबंधित उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित की है। सरकार का कहना है कि यह मात्रा देश की मौजूदा जरूरतों से अधिक है और किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए आपूर्ति व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है।
लोकसभा में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने देश की उर्वरक सुरक्षा, कृषि उत्पादन और खाद्य सुरक्षा से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार से सल्फर की उपलब्धता, आयात व्यवस्था और भविष्य में आपूर्ति की रणनीति को लेकर सवाल किए थे। इसके जवाब में केंद्र सरकार ने बताया कि कृषि क्षेत्र की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए सल्फर की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए कई स्तरों पर लगातार काम किया जा रहा है। सरकार द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025-26 में 419.18 करोड़ किलोग्राम यानी लगभग 41.92 लाख मीट्रिक टन सल्फर एवं उससे जुड़े उत्पादों का आयात किया गया। यह पिछले वर्षों की तुलना में अधिक है। वर्ष 2024-25 में यह आयात 414.43 करोड़ किलोग्राम और वर्ष 2021-22 में 385.56 करोड़ किलोग्राम था। सरकार ने कहा कि आयात में यह बढ़ोतरी देश की कृषि और औद्योगिक मांग के अनुरूप आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने की दिशा में उठाया गया कदम है।
सरकार ने यह भी बताया कि सल्फर का उपयोग केवल उर्वरकों तक सीमित नहीं है। इसका इस्तेमाल सल्फ्यूरिक अम्ल के निर्माण, रसायन उद्योग, पेट्रोलियम रिफाइनरी, धातु प्रसंस्करण, रबर उद्योग सहित कई अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर किया जाता है। ऐसे में इसकी निर्बाध उपलब्धता देश की अर्थव्यवस्था और कृषि दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार के अनुसार देश में सल्फर की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न देशों से आयात किया जा रहा है। इनमें संयुक्त अरब अमीरात, ओमान, कतर, सऊदी अरब, कुवैत, जापान, रूस, कनाडा, इराक समेत कई अन्य देश शामिल हैं। सरकार ने कहा कि आयात के स्रोतों में विविधता बनाए रखने से किसी एक क्षेत्र में आपूर्ति प्रभावित होने की स्थिति में भी देश की जरूरतों को पूरा किया जा सकता है। हालांकि कंपनीवार आयात का विवरण वाणिज्यिक आसूचना एवं सांख्यिकी महानिदेशालय (DGCI&S) की नीति के तहत गोपनीय रखा गया है।
सरकार ने संसद में यह भी स्वीकार किया कि पश्चिम एशिया की मौजूदा परिस्थितियों का असर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ा है। इसके कारण समुद्री मालभाड़ा, बीमा लागत और शिपमेंट संचालन प्रभावित हुए हैं। बावजूद इसके केंद्र सरकार लगातार स्थिति की निगरानी कर रही है और आवश्यक कदम उठा रही है ताकि किसानों को उर्वरकों की उपलब्धता पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। सरकार ने बताया कि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के साथ समन्वय स्थापित कर सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की रिफाइनरियों को उर्वरक उद्योग के लिए सल्फर की आपूर्ति को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है। इसके अलावा पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (Nutrient Based Subsidy-NBS) योजना के अंतर्गत ओपन जनरल लाइसेंस (OGL) व्यवस्था लागू है, जिसके माध्यम से कंपनियां अपनी आवश्यकता के अनुसार सल्फर और अन्य आवश्यक कच्चे माल का आयात कर सकती हैं। इससे बाजार में आपूर्ति बनी रहती है और किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सरकार के जवाब पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सल्फर केवल एक औद्योगिक कच्चा माल नहीं, बल्कि देश की उर्वरक सुरक्षा, कृषि उत्पादन और खाद्य सुरक्षा से जुड़ा एक रणनीतिक संसाधन है। उन्होंने कहा कि यदि किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध होंगे, तभी कृषि उत्पादन बढ़ेगा और देश की खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी। इसलिए इस विषय को संसद में उठाना आवश्यक था। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि केंद्र सरकार इस विषय पर गंभीरता से काम कर रही है और वैश्विक चुनौतियों के बावजूद देश में सल्फर की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है। उनके अनुसार किसानों के हितों की रक्षा और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाना केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। बृजमोहन अग्रवाल ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आने वाले समय में उर्वरक सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और आवश्यक कच्चे माल की आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक मजबूत तथा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का उद्देश्य किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना और कृषि क्षेत्र को वैश्विक चुनौतियों के बावजूद मजबूत बनाए रखना है। संसद में इस मुद्दे पर सरकार द्वारा दिए गए विस्तृत आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि केंद्र देश की उर्वरक आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत रखने और किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत है।
Tagsबृजमोहन अग्रवाललोकसभासल्फरगंधकउर्वरक सुरक्षाP&K उर्वरकफॉस्फेटिक उर्वरकपोटाश उर्वरककेंद्र सरकारकिसानों के लिए उर्वरकNutrient Based SubsidyOpen General LicenceDGCI&Sसल्फर आयातकृषिखाद्य सुरक्षानरेंद्र मोदीरायपुर सांसदउर्वरक आपूर्तिसंसद समाचारBrijmohan AgrawalLok SabhaSulphurFertilizer securityP&K fertilizersPhosphatic fertilizersPotash fertilizersCentral GovernmentFertilizers for farmersNutrient-Based SubsidySulphur importsAgricultureFood securityNarendra ModiRaipur MPFertilizer supplyParliament news
Next Story





