छत्तीसगढ़

कोरोना काल में देवदूत बने बृजमोहन अग्रवाल

Admin2
20 April 2021 6:10 AM GMT
कोरोना काल में देवदूत बने बृजमोहन अग्रवाल
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आपदा को अवसर बनाने वाले नेता लें सीख

बिना किसी भेदभाव के राजनीति से ऊपर उठकर जुट गए पीडि़तों की सेवा में

बृजमोहन अग्रवाल ने रेमडेसिविर दिलाकर कोरोना मरीज को दी नई जिंदगी

एक काल में पीडि़त को उपलब्ध कराई बेड और वैक्सीन

जहां राजनेता पीडि़तों से बचने बहाने बना रहे, वहीं बृजमोहन का परिवार दिन-रात

तन-मन-धन से सेवा में जुटे हैं

जल्द ही मरीजों को मिलेगी बृजमोहन अग्रवाल की ओर सर्वसुविधायुक्त कोविड सेंटर

रायपुर। कोरोना महामारी काल में जहां सोशल डिस्टेंस और पीडि़तों को रेमडिसिविर इंजेक्शन के नाम पर राजनीति कर रहे है, सरकार और विपक्ष दल आरोप-प्रत्यारोप लगाकर जनता को बरगलाकर कानून कायदे की धजिज्यां उड़ा रहे है, वहीं पूर्व मंत्री और दक्षिण रायपुर के विधायक बृजमोहन अग्रवाल खामोशी से राजनीति से उपर उठकर राजधानी और प्रदेश की किसी भी क्षेत्र के कोरोना पीडि़त जनता की एक काल आने पर सेवादार देवदूत की भूमिका में खड़े होकर गरीब पीडि़त मानवता की सेवा में जुटे हुए है।

किसी परिवार के कमाऊ सदस्य की मृत्यु होने पर उस परिवार को आर्थिक मदद दे सरकार: बृजमोहन अग्रवाल

वर्तमान विधायक और पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए राज्य सरकार पर निशाना साधा है। अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार पॉलिसी पैरालिसिस की शिकार है। मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के अहम के टकराव का भुगतान जनता कर रही है। अग्रवाल ने आगे कहा कि सरकार कटोरा लेकर घूमना बंद करें, इनके पास आपदा प्रबंधन के डीएमएफ फंड में 2000 करोड़ है इसे जनता को कोरोना से बचाव में उपयोग करें। प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि सरकार अपनी हठधर्मिता में प्रदेश का नुकसान कर रही है। आयुष्मान कार्ड, खूबचंद बघेल कार्ड और स्मार्ट कार्ड से अभी 3 दिन बीतने के बाद भी निजी अस्पताल में इलाज प्रारंभ नहीं हुए,जिससे गरीब जनता आर्थिक रूप से पीस रही है। बैंक बंद होने से कर्मचारियों का उनका वेतन खाते में ट्रांसफर नहीं हो पा रहा है और पैसा होते हुए भी वे इसका उपयोग नहीं कर पा रहे। इसमें सरकार को कोई उपाय निकालना चाहिए। अग्रवाल ने कहा कि हमने रेल मंत्री और डीआरएम से चर्चा की है। वह 1500 से 2000 तक के स्वास्थ उपकरण युक्त कोच तुरंत देने को तैयार है। लेकिन 3 दिन बीतने के बाद भी मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव कोई इच्छा नहीं दिखा रहे हैं। हम लगातार सुझाव दे रहे हैं, उस पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष के सुझावों पर त्वरित कार्य करना चाहिए। बता दें प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिला प्रभारी खूबचंद पारख, जिला अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी और जिला मीडिया प्रभारी अनुराग अग्रवाल भी उपस्थित थे।

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