छत्तीसगढ़

मानवता की सेवा में देहदान

Nilmani Pal
17 Jan 2026 4:51 PM IST
मानवता की सेवा में देहदान
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दुर्ग। "शरीर नश्वर है, लेकिन मानवता अमर है।" इसी ध्येय वाक्य को चरितार्थ करते हुए दुर्ग के राजीव नगर, बजरंग चौक निवासी 75 वर्षीय चंद्रिका बाई राजपूत का मरणोपरांत देहदान संपन्न हुआ। उनके पार्थिव शरीर को चिकित्सा विज्ञान की पढ़ाई कर रहे छात्रों के अध्ययन हेतु अभिषेक मिश्रा मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, जुनवानी (भिलाई) को सौंपा गया। यह पुनीत कार्य संस्था प्रनाम के माध्यम से परिजनों की सहमति से संपन्न हुआ। स्व. चंद्रिका बाई राजपूत ने दिसंबर, 2017 को प्रनाम के अध्यक्ष पवन केसवानी की काउंसलिंग के पश्चात् देहदान की वसीयत जारी की थी।

उनके निधन के तत्काल बाद परिजनों ने उनकी इस अंतिम इच्छा का सम्मान किया और 'प्रनाम' संस्था के अध्यक्ष श्री पवन केसवानी को सूचित किया। सूचना मिलते ही संस्था द्वारा देहदान की सभी आवश्यक कागजी और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करवाई गईं। नम आंखों से दी गई विदाई देहदान से पूर्व निवास स्थान पर एक संक्षिप्त श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया! जहाँ उपस्थित जनों ने उनके देहदान के समर्पण भाव को याद कर उन्हें नमन किया गया।

इस अवसर पर देहदान प्रक्रिया में देहदान की पुत्री संध्या राजपूत सहित पवन केसवानी, पवन गुप्ता, अजय होरीलाल राजपूत, प्रगति राजपूत, प्रदीप राजपूत, मीरा राजपूत, लकी राजपूत, प्रीतम राजपूत, धनंजय सिंह राजपूत, भगवान सिंह राजपूत, मालिक राम राजपूत, मनहरण सिंह राजपूत, विक्की राजपूत, बंटी राजपूत और बीजू राजपूत विशेष रूप से उपस्थित रहे और अपनी सहभागिता प्रदान की। 'प्रनाम' की अनूठी मानव सेवा: 256वां देहदान उल्लेखनीय है कि संस्था 'प्रनाम' वर्ष 2008 से लगातार देहदान और नेत्रदान के क्षेत्र में अलख जगा रही है। संस्था के अध्यक्ष पवन केसवानी ने बताया कि अब तक 2168 प्रबुद्धजनों को देहदान हेतु प्रेरित कर वसीयत भरवाई जा चुकी है। वहीं, स्व. चंद्रिका बाई राजपूत का देहदान संस्था के माध्यम से मेडिकल कॉलेजों को समर्पित किया गया 256वां देहदान है। यह शरीर मेडिकल छात्रों को मानव शरीर की संरचना समझने और भविष्य के डॉक्टर बनने में मदद करेगा। संपर्क सूत्र: देहदान और अंगदान के इस महाभियान से जुड़ने या जानकारी प्राप्त करने के लिए संस्था 'प्रनाम' के हेल्पलाइन नंबर 9479273500 पर संपर्क किया जा सकता है।

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