छत्तीसगढ़
बिलासपुर हिंसा: आरोपी रामसिंह ठाकुर को किया अंबिकापुर जेल में शिफ्ट
Shantanu Roy
27 Sept 2026 6:01 PM IST

x
छग
Bilaspur. बिलासपुर। बिलासपुर के खपरगंज हिंसा मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी रामसिंह ठाकुर को पुलिस की स्पेशल टीम ने मध्यप्रदेश के पन्ना जिले से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे बिलासपुर लेकर पहुंची और शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर रामसिंह ठाकुर को ज्यूडिशियल रिमांड पर बिलासपुर सेंट्रल जेल भेज दिया गया। रामसिंह की पेशी के दौरान कोर्ट परिसर में उसके समर्थकों की भारी भीड़ जुट गई थी। इस दौरान कुछ समर्थकों ने नारेबाजी कर माहौल बनाने की कोशिश की। हालांकि, कोर्ट परिसर में पहले से तैनात भारी पुलिस बल के कारण स्थिति नियंत्रण में रही। पुलिस की सख्ती के चलते किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति नहीं बनी।
कोर्ट में पेशी के बाद समर्थक बिलासपुर सेंट्रल जेल परिसर के बाहर भी पहुंच गए थे। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस सुरक्षा के बीच रामसिंह ठाकुर को जेल पहुंचाया गया। बता दें कि बिलासपुर के खपरगंज इलाके में दो गुटों के बीच हुए हिंसक संघर्ष के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। मामले में एक पक्ष के मुख्य आरोपी समेत 22 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं दूसरे पक्ष का मुख्य आरोपी रामसिंह ठाकुर घटना के बाद से फरार चल रहा था।
फरार आरोपी की तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं। पुलिस को आरोपी के मध्यप्रदेश में छिपे होने की जानकारी मिली। इसके बाद एसएसपी के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में उसकी तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने पन्ना जिले के ग्राम माकरी कुठार, धिरलर और बृजपुर क्षेत्र में दबिश दी। इस दौरान आरोपी रामसिंह ठाकुर को उसके मित्र धीरेंद्र पटेल के घर से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद पुलिस टीम उसे लेकर बिलासपुर पहुंची और सिरगिट्टी थाना लेकर गई।
हिंसा के मामले में गिरफ्तारी के बाद रामसिंह को न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इसके बाद उसे बिलासपुर सेंट्रल जेल भेज दिया गया। इस मामले में सुरक्षा कारणों को देखते हुए जिला प्रशासन ने पहले ही जेल स्थानांतरण का निर्णय लिया था। बताया जा रहा है कि खपरगंज हिंसा मामले में दोनों गुटों के आरोपी एक ही जेल में बंद थे। संभावित विवाद और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए रामसिंह ठाकुर को बिलासपुर सेंट्रल जेल से दूसरे जेल में भेजने का फैसला लिया गया। प्रशासन के आदेश के बाद रामसिंह ठाकुर को रातों-रात बिलासपुर से अंबिकापुर सेंट्रल जेल शिफ्ट किया गया। पुलिस और जेल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है। हिंसा के दौरान शामिल अन्य लोगों और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
Next Story





