छत्तीसगढ़

बिलासपुर पुलिस की सख्ती से नशा माफिया हिला, समाज में सुरक्षा और भरोसा बढ़ा

Shantanu Roy
1 Oct 2025 10:39 PM IST
बिलासपुर पुलिस की सख्ती से नशा माफिया हिला, समाज में सुरक्षा और भरोसा बढ़ा
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Bilaspur. बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में नशे और ड्रग माफिया के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई अब असर दिखाने लगी है। यह बदलाव केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश और एसएसपी रजनेश सिंह की कड़ी निगरानी का नतीजा है। जिले में नशा कारोबारियों, पैडलरों और तस्करों के खिलाफ पुलिस की मुहिम ने समाज में सुरक्षा और भरोसा दोनों को मजबूत किया है।
पुलिस की कार्रवाई और सख्ती
सिविल लाइन थाना पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत पिछले साल कई मामलों में बेहतरीन विवेचना कर आरोपी नशा कारोबारी और तस्करों को कोर्ट से कठोर सजा दिलाई। अदालत ने 4 से 15 साल तक की जेल और लाखों रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इस कार्रवाई का असर अब मोहल्लों में साफ़ देखा जा सकता है। पहले गलियों में नशे का कारोबार खुलेआम होता था और युवा वर्ग का भविष्य खतरे में पड़ता था। अब नशा माफिया की सक्रियता में गिरावट आई है और आसपास के इलाके में लोग सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
समाज में सकारात्मक प्रभाव
पुलिस की कार्रवाई का असर केवल अपराधियों पर ही नहीं, बल्कि समाज के युवाओं और अभिभावकों पर भी पड़ा है। युवाओं ने मिलकर नशा मुक्त अभियान चलाने का संकल्प लिया है। अभिभावकों का कहना है कि पुलिस की सख्ती से बच्चों का भविष्य अब सुरक्षित महसूस होता है। मोहल्लों के बुजुर्गों ने भी पुलिस की तारीफ की और बताया कि पहले नशे के कारोबार के कारण उन्हें डर लगता था, अब माहौल बदल गया है।
एसएसपी का निरीक्षण और प्रोत्साहन
एसएसपी रजनेश सिंह ने सिविल लाइन थाने का निरीक्षण करते हुए विवेचकों और पुलिस कर्मियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि नशा समाज को खोखला करता है और पुलिस केवल कानून का पालन ही नहीं कर रही, बल्कि भविष्य की पीढ़ी की सुरक्षा भी सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को यह संदेश दिया कि उनकी मेहनत और सजगता से समाज में बदलाव संभव है।
नागरिकों की प्रतिक्रिया
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के अधिवक्ता अवनीश शुक्ला ने कहा कि मोहल्ले की गलियां अब पहले जैसी सुरक्षित लगने लगी हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ समाज पर भी सकारात्मक असर पड़ा है और लोग अब पुलिस पर भरोसा करने लगे हैं। तालपारा के निवासी राकेश सारथी ने कहा कि पहले उन्हें डर लगता था कि बच्चे कहीं नशे की चपेट में न आ जाएं, लेकिन अब पुलिस की सक्रियता और सख्ती ने उनका भरोसा बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई केवल अपराधियों को हतोत्साहित करने तक सीमित नहीं, बल्कि समाज की भावी पीढ़ी की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी मदद कर रही है।
नशा मुक्त अभियान में युवाओं की भागीदारी
युवाओं ने मिलकर नशा मुक्त समुदाय अभियान चलाने की पहल की है। स्कूल, कॉलेज और मोहल्लों के युवा समूह अब नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने में सक्रिय हैं। उनका कहना है कि पुलिस की कार्रवाई से उन्हें यह प्रेरणा मिली कि समाज में बदलाव लाया जा सकता है। एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल अपराधियों को सजा दिलाना नहीं है, बल्कि समाज को सुरक्षित और नशामुक्त बनाना भी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशा विरोधी अभियान निरंतर चलाए जाएं और समाज के हर वर्ग तक जागरूकता पहुंचाई जाए।
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