छत्तीसगढ़
बारिश में बाइक अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई, CMD कॉलेज के छात्र की मौत
Shantanu Roy
31 May 2026 7:07 PM IST

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छग
Bilaspur. बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में पथलगांव निवासी 20 वर्षीय छात्र मेहुल सिंह की मौत हो गई। मेहुल बिलासपुर के CMD कॉलेज में अंतिम वर्ष का छात्र था। उसकी असमय मृत्यु से परिवार, मित्रों और परिचितों में गहरा शोक व्याप्त है। जानकारी के अनुसार, मेहुल के माता-पिता दोनों पथलगांव में शिक्षक पद पर कार्यरत हैं। करीब छह महीने पहले उसके जन्मदिन पर उसे नई बाइक उपहार में दी गई थी। बुधवार शाम वह तेज बारिश के दौरान अपनी बाइक से सत्यम चौक से IG चौक की ओर जा रहा था। इसी दौरान बर्जेश स्कूल के गेट के पास उसकी बाइक अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वह मौके पर ही गंभीर रूप से घायल होकर अचेत हो गया।
घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। इसी दौरान वहां मौजूद अपोलो अस्पताल के डॉक्टर रितेश खन्ना ने तुरंत CPR देना शुरू किया और लोगों से मदद की अपील की। मौके पर पहुंचे धनंजय गोस्वामी ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और अपनी निजी कार से डॉक्टर के साथ मिलकर मेहुल को सिम्स अस्पताल पहुंचाया। रास्ते में डॉक्टर रितेश खन्ना लगातार CPR देते रहे और कृत्रिम श्वसन के जरिए उसकी सांसें वापस लाने का प्रयास करते रहे। बताया गया कि इस दौरान वे दो बार उसे पुनर्जीवित करने में सफल भी हुए, जिससे कुछ समय के लिए उसकी स्थिति में सुधार के संकेत मिले।
सिम्स अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों की टीम ने तुरंत इलाज शुरू किया और सभी आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रियाएं अपनाई गईं। धनंजय गोस्वामी ने इस दौरान मेहुल की पहचान और उसके परिजनों की जानकारी जुटाकर परिवार को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए। हालांकि डॉक्टरों और अन्य लोगों के तमाम प्रयासों के बावजूद मेहुल की जान नहीं बचाई जा सकी। देर रात उसे मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई और शव परिजनों को सौंप दिया गया।
इस घटना ने पूरे क्षेत्र को शोक में डाल दिया है। परिवार के लिए यह एक बड़ा आघात है क्योंकि मेहुल अपने माता-पिता का इकलौता बेटा बताया जा रहा है और पढ़ाई के साथ आगे बेहतर भविष्य की तैयारी कर रहा था। इस हादसे के दौरान डॉक्टर रितेश खन्ना और धनंजय गोस्वामी द्वारा दिखाई गई तत्परता और मानवता की भी चर्चा हो रही है। उन्होंने बिना समय गंवाए घायल युवक की जान बचाने की हर संभव कोशिश की। हालांकि परिणाम दुखद रहा, लेकिन उनकी कोशिशों को लोगों ने सराहा है। यह घटना एक बार फिर यह संदेश देती है कि सड़क हादसों के बाद शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। यदि ऐसे समय में त्वरित सहायता और प्राथमिक उपचार मिल जाए तो कई जानें बचाई जा सकती हैं। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। प्रारंभिक तौर पर बारिश और फिसलन को दुर्घटना का संभावित कारण माना जा रहा है।
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