छत्तीसगढ़
NH-43 पर खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराई बाइक, दो युवकों की मौत
Shantanu Roy
6 Oct 2026 10:25 PM IST

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छग
Ambikapur. अंबिकापुर। नेशनल हाईवे-43 पर सोमवार देर रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई, जबकि उनका एक साथी गंभीर रूप से घायल है। हादसा बतौली थाना क्षेत्र के चिरंगा मोड़ के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार बाइक सड़क पर खराब हालत में खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार तीनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे। जानकारी के अनुसार, तीनों युवक सिलसिला स्थित कुदरगढ़ी एलुमिना फैक्ट्री में काम करते थे। सोमवार रात सेकेंड शिफ्ट की ड्यूटी खत्म करने के बाद वे बाइक से बतौली की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान चिरंगा मोड़ के पास सड़क पर ब्रेकडाउन हालत में खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली उन्हें दिखाई नहीं दी और बाइक सीधे उससे जा भिड़ी।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों ने तत्काल पुलिस और डायल-112 को सूचना दी। घटनास्थल के पास रहने वाले राजेश कुमार गुप्ता ने टक्कर की तेज आवाज सुनी और मौके पर पहुंचकर तीनों युवकों को घायल अवस्था में देखा। इसके बाद उन्होंने डायल-112 को सूचना दी। डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और तीनों घायलों को बतौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां इलाज के दौरान अजय प्रधान (22), निवासी भटको और मुन्ना राम (22), निवासी बतौली क्षेत्र की मौत हो गई। बताया गया कि दोनों को सिर में गंभीर चोट लगी थी।
तीसरे घायल राजमोहन पैंकरा (27), निवासी बासेन की हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उसे बेहतर उपचार के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। वहां उसका इलाज जारी है। हादसे की जानकारी मिलते ही मृतकों के परिजन अस्पताल पहुंचे। मंगलवार को दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम कराया गया, जिसके बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया। अचानक हुई इस घटना से दोनों परिवारों में शोक का माहौल है। बताया गया कि अजय प्रधान और मुन्ना राम करीब दो साल से एलुमिना फैक्ट्री में काम कर रहे थे। रोज की तरह ड्यूटी पूरी करने के बाद दोनों अपने साथी के साथ घर लौट रहे थे, लेकिन रास्ते में यह हादसा हो गया।
जिस स्थान पर दुर्घटना हुई, उसे पहले से ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया है। अंबिकापुर से पत्थलगांव तक नेशनल हाईवे-43 पर कई ऐसे स्थान हैं, जहां बार-बार सड़क हादसे होने की बात सामने आती रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे पर खराब या खड़े भारी वाहनों के कारण रात के समय हादसे का खतरा और बढ़ जाता है। यदि ऐसे वाहनों पर रिफ्लेक्टर, चेतावनी संकेत या पर्याप्त लाइट की व्यवस्था न हो तो पीछे से आने वाले वाहन चालकों के लिए स्थिति जानलेवा साबित हो सकती है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। दुर्घटना के कारणों के साथ यह भी देखा जा रहा है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क पर किस स्थिति में खड़ी थी और क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था।
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