छत्तीसगढ़
बाइक एम्बुलेंस बंद, समय पर मदद न मिलने से गर्भ में ही शिशु की मौत
Shantanu Roy
11 Jun 2025 4:36 PM IST

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Bilaspur. बिलासपुर। बिलासपुर जिले के कोटा ब्लॉक के दूरस्थ और पहाड़ी इलाकों में बाइक एम्बुलेंस सेवा पिछले 10 दिनों से बंद है। जिसके चलते सोमवार की रात एक गर्भवती महिला को समय पर बाइक एम्बुलेंस नहीं मिली। बाद में एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन मां के गर्भ में फंसे होने और देरी के चलते नवजात शिशु की रास्ते में ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि, वेतन और पेट्रोल के 3 लाख रुपए भुगतान नहीं होने के कारण बाइक एम्बुलेंस चलाने वाले कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया है। प्रभारी सीएमएचओ सुरेश तिवारी ने कहा कि, कलेक्टर से चर्चा कर जल्द बाइक एम्बुलेंस को फिर से शुरू किया जाएगा।
दरअसल, बहरीझिरिया की रहने वाली शांतन बाई पति जगत को सोमवार रात प्रसव पीड़ा हुई। ग्रामीण संदीप शुक्ला ने बाइक एम्बुलेंस के लिए केंद्रा स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क किया, तो उन्हें पता चला कि कर्मचारी वेतन नहीं मिलने के कारण काम बंद कर चुके हैं। इसके बाद प्रभारी सीएमएचओ सुरेश तिवारी को इसकी सूचना दी गई। सीएमएचओ और केंद्रा प्रभारी के हस्तक्षेप के बाद रात लगभग 12 बजे 102 एम्बुलेंस को बहरीझिरिया भेजा गया। महिला के गर्भ में नवजात शिशु आधा फंसा था, वो बाहर नहीं निकल पा रहा था। इसी हालत में महिला को 102 एम्बुलेंस से केंद्रा अस्पताल लाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही बच्चे की मौत हो गई।
इस मामले पर एनएचएम की डीपीएम प्यूली मजूमदार ने कहा कि उन्हें भुगतान को लेकर कोई जानकारी नहीं है। वहीं, प्रभारी सीएमएचओ सुरेश तिवारी ने स्वीकार किया कि, बाइक एम्बुलेंस के कर्मचारी काम नहीं कर रहे थे। सूचना मिलने पर 102 भेजी गई थी, लेकिन दुर्गम पहाड़ी इलाका होने के कारण वाहन को मौके तक पहुंचने में देरी हुई होगी। कलेक्टर से चर्चा कर जल्द बाइक एम्बुलेंस को दोबारा शुरू करेंगे। पूर्व जनपद अध्यक्ष संदीप शुक्ला ने इस घटना पर दुख जताते कहा कि, उन्होंने कई बार एनएचएम के डीपीएम को बाइक एम्बुलेंस कर्मचारियों के भुगतान की सूचना दी थी, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्वास्थ्य विभाग इन बाइक एम्बुलेंस को नहीं चला पा रहा है, तो उन्हें बता दें, वे गरीबों की सेवा के लिए लोगों से चंदा कर इन वाहनों को चलवाएंगे।
एक साल पहले तत्कालीन कलेक्टर अवनीश शरण ने कोटा ब्लॉक के केंद्रा, लूफा, खोंगसरा और शिवतराई जैसे दुर्गम क्षेत्रों के लिए 4 बाइक एम्बुलेंस की सुविधा शुरू की थी। इन एम्बुलेंसों ने मरीजों को खासकर गर्भवती महिलाओं और बच्चों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इन बाइक एम्बुलेंस को संचालित करने वाले कर्मचारियों को डीएमएफ (जिला खनिज न्यास) मद से भुगतान किया जा रहा था। पिछले कुछ समय से बाइक एम्बुलेंस चलाने वाले कर्मचारियों का भुगतान रोक दिया गया था। जिससे बकाया राशि बढ़कर 3 लाख रुपए हो गई थी। कर्मचारियों ने कई बार एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) प्रभारी प्यूली मजूमदार को जानकारी दी, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसलिए, 10 दिन पहले कर्मचारियों ने केंद्रा स्वास्थ्य केंद्र में बाइक खड़ी कर काम बंद कर दिया था।
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