छत्तीसगढ़

भारत माला मुआवजा घोटाला- ED की टीम 16 घंटे बाद वापस लौटी

Shantanu Roy
29 Dec 2025 11:45 PM IST
भारत माला मुआवजा घोटाला- ED की टीम 16 घंटे बाद वापस लौटी
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छग

Raipur. रायपुर। भारत माला मुआवजा घोटाले (Bharat Mala Compensation Scam) में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। लगभग 16 घंटे की कड़ी छानबीन और पूछताछ के बाद ईडी की टीम ने दो संदिग्धों के घरों से पूछताछ पूरी की और लौट आई। सूत्रों के अनुसार, ईडी की टीम ने सुबह 6 बजे रायपुर स्थित ला विस्टा सोसायटी में 118 नंबर के मकान में रहने वाले हरमीत सिंह खनुजा के घर दबिश दी। टीम ने खनुजा से मुआवजा घोटाले में जुड़े वित्तीय लेन-देन और भ्रष्टाचार संबंधी सवाल पूछे। पूछताछ लगभग कई घंटे तक चली और इस दौरान खनुजा से दस्तावेज एवं डिजिटल रिकॉर्ड भी मांगे गए।

इसी बीच ईडी की दूसरी टीम महासमुंद जिले में जसबीर सिंह बग्गा के आवास पर पहुंची और वहां भी घोटाले से संबंधित दस्तावेज और जानकारी की जांच की। अधिकारियों ने बताया कि दोनों मामलों में जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना था कि किस तरह मुआवजा राशि का अवैध रूप से हस्तांतरण किया गया और किन लोगों ने इसमें मदद की।

इस कार्रवाई के दौरान ईडी अधिकारियों ने किसी भी तरह की गिरफ्तारी की जानकारी नहीं दी, लेकिन छानबीन और पूछताछ का दौर करीब 16 घंटे तक जारी रहा। अधिकारियों का कहना है कि यह जांच अभी शुरुआती चरण में है और आगे की कार्रवाई में आवश्यकतानुसार और लोगों को तलब किया जा सकता है। गौरतलब है कि भारत माला प्रोजेक्ट के तहत हुए मुआवजा घोटाले ने राज्य में राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर हड़कंप मचा दिया है। अधिकारियों के अनुसार, इस घोटाले में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।

ईडी की इस कार्रवाई को स्थानीय जनता और मीडिया में व्यापक ध्यान मिला है। विशेषज्ञों का कहना है कि मुआवजा घोटाले जैसी आर्थिक और प्रशासनिक अनियमितताओं में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी हमेशा बड़े विवादों को जन्म देती है। अधिकारियों ने चेताया कि जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार की जानकारी या निष्कर्ष जल्दबाजी में साझा नहीं किए जाएंगे। आगामी दिनों में ईडी और अन्य जांच एजेंसियां इस मामले में और गहन छानबीन कर सकती हैं।

इस मामले में अब यह देखना बाकी है कि ईडी की जांच से कौन-कौन से प्रमुख नाम और तथ्य सामने आते हैं और किस तरह इस घोटाले के जिम्मेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। भारत माला मुआवजा घोटाले (Bharat Mala Compensation Scam) में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। लगभग 16 घंटे की कड़ी छानबीन और पूछताछ के बाद ईडी की टीम ने दो संदिग्धों के घरों से पूछताछ पूरी की और लौट आई।
सूत्रों के अनुसार, ईडी की टीम ने सुबह 6 बजे रायपुर स्थित ला विस्टा सोसायटी में 118 नंबर के मकान में रहने वाले हरमीत सिंह खनुजा के घर दबिश दी। टीम ने खनुजा से मुआवजा घोटाले में जुड़े वित्तीय लेन-देन और भ्रष्टाचार संबंधी सवाल पूछे। पूछताछ लगभग कई घंटे तक चली और इस दौरान खनुजा से दस्तावेज एवं डिजिटल रिकॉर्ड भी मांगे गए। इसी बीच ईडी की दूसरी टीम महासमुंद जिले में जसबीर सिंह बग्गा के आवास पर पहुंची और वहां भी घोटाले से संबंधित दस्तावेज और जानकारी की जांच की। अधिकारियों ने बताया कि दोनों मामलों में जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना था कि किस तरह मुआवजा राशि का अवैध रूप से हस्तांतरण किया गया और किन लोगों ने इसमें मदद की।
इस कार्रवाई के दौरान ईडी अधिकारियों ने किसी भी तरह की गिरफ्तारी की जानकारी नहीं दी, लेकिन छानबीन और पूछताछ का दौर करीब 16 घंटे तक जारी रहा। अधिकारियों का कहना है कि यह जांच अभी शुरुआती चरण में है और आगे की कार्रवाई में आवश्यकतानुसार और लोगों को तलब किया जा सकता है। गौरतलब है कि भारत माला प्रोजेक्ट के तहत हुए मुआवजा घोटाले ने राज्य में राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर हड़कंप मचा दिया है। अधिकारियों के अनुसार, इस घोटाले में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।
ईडी की इस कार्रवाई को स्थानीय जनता और मीडिया में व्यापक ध्यान मिला है। विशेषज्ञों का कहना है कि मुआवजा घोटाले जैसी आर्थिक और प्रशासनिक अनियमितताओं में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी हमेशा बड़े विवादों को जन्म देती है। अधिकारियों ने चेताया कि जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार की जानकारी या निष्कर्ष जल्दबाजी में साझा नहीं किए जाएंगे। आगामी दिनों में ईडी और अन्य जांच एजेंसियां इस मामले में और गहन छानबीन कर सकती हैं।इस मामले में अब यह देखना बाकी है कि ईडी की जांच से कौन-कौन से प्रमुख नाम और तथ्य सामने आते हैं और किस तरह इस घोटाले के जिम्मेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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