छत्तीसगढ़
बेमेतरा पुलिस का बड़ा एक्शन प्लान, SDOP ने थाना निरीक्षण कर दिए सख्त निर्देश
Shantanu Roy
30 Oct 2026 9:38 PM IST

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छग
Bemetara. बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने और अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस प्रशासन ने थानों की कार्यप्रणाली की समीक्षा तेज कर दी है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. हरीश यादव के मार्गदर्शन में एसडीओपी बेमेतरा भूषण एक्का ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को नवागढ़ थाने का द्वितीय अर्धवार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाने के अभिलेखों, लंबित अपराधों, जब्ती माल और विभिन्न रजिस्टरों की जांच की। साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों को अपराध नियंत्रण, बेहतर पुलिसिंग और समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान एसडीओपी भूषण एक्का ने थाने के मालखाने, जब्ती रजिस्टर, अपराध रजिस्टर, शिकायत रजिस्टर, जनरल डायरी, ड्यूटी रजिस्टर, हिस्ट्रीशीट, ग्राम अपराध पुस्तिका और फिंगरप्रिंट रजिस्टर सहित अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों का अवलोकन किया। उन्होंने रिकॉर्ड को नियमित रूप से अपडेट रखने और सभी दस्तावेजों का व्यवस्थित संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एसडीओपी ने थाना प्रभारी और विवेचना अधिकारियों को लंबित अपराधों, मर्ग, गुमशुदगी और शिकायतों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समयबद्ध मामलों में निर्धारित वैधानिक समयसीमा का पालन करते हुए 60 से 90 दिनों के भीतर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने तलाशी और जब्ती की कार्रवाई के दौरान फोटोग्राफी तथा वीडियोग्राफी सुनिश्चित करने को कहा, ताकि जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। इसके साथ ही भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान अवैध कारोबार और आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण को लेकर भी विशेष चर्चा हुई। एसडीओपी ने अवैध शराब, जुआ, सट्टा, गांजा, नशीली दवाओं और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सक्रिय असामाजिक तत्वों, निगरानी बदमाशों और मारपीट तथा हंगामा करने वालों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाए। आवश्यक मामलों में प्रतिबंधात्मक और बाउंड ओवर की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त लंबित स्थायी वारंट और गिरफ्तारी वारंट की तामीली में तेजी लाने को कहा गया। एसडीओपी भूषण एक्का ने चोरी और अन्य अपराधों की रोकथाम के लिए रात्रि गश्त, नियमित पेट्रोलिंग और कॉम्बिंग अभियान को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस की सक्रिय मौजूदगी से अपराधों की रोकथाम में मदद मिलती है। संवेदनशील इलाकों और प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए।
सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए वाहन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने 'सशक्त एप' के माध्यम से वाहन जांच को प्रभावी बनाने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार चालानी कार्रवाई करने को कहा। इसके अलावा गोवंश तस्करी पर भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। एसडीओपी ने साइबर प्रहरी अभियान और त्रिनयन एप के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से पुलिसिंग को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया जाए। सोशल मीडिया पर निगरानी रखने तथा साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए। महिलाओं और बच्चों से संबंधित अपराधों के मामलों में संवेदनशीलता बरतने पर विशेष जोर दिया गया।
एसडीओपी ने महिला शिकायतकर्ताओं के साथ संयमित और सम्मानजनक व्यवहार करने तथा उनकी शिकायतों पर तत्काल उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही लापता बच्चों की तलाश के लिए 'ऑपरेशन मुस्कान' को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए। कम्युनिटी पुलिसिंग को मजबूत बनाने के लिए 'हमर पुलिस हमर बाजार' और 'हमर पुलिस हमर गांव' अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों, हाट-बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने को कहा गया। साथ ही पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान निर्धारित साफ-सुथरी वर्दी पहनने और अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान नवागढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक दुलेश्वर चंद्रवंशी, उप निरीक्षक द्वारिका प्रसाद देशलहरे, प्रशिक्षु उप निरीक्षक सुरेश सिंह, सहायक उप निरीक्षक कृष्ण कुमार क्षत्री, प्रधान आरक्षक विजय शुक्ला, शत्रुहन बंजारे सहित अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
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