IPL क्रिकेट से पहले खाटी सटोरियों की पुलिस निकाल रही कुंडली

जगुवार कार में ऑनलाइन सट्टा खिलाते दो सटोरिए गिरफ्तार, पहले भी जा चुके जेल
जनता से रिश्ता की खबर पर पुलिस का एक्शन रही कुंडली
रायपुर। रायपुर पुलिस ने हाइपर क्लब गोलीकांड के आरोपी विकास अग्रवाल को सट्टा खिलाते पकड़ा है। विकास अपने दोस्त सौरभ जैन के साथ जगुआर कार के भीतर बैठकर सट्टा खिला रहे थे, तभी पुलिस और क्राइम ब्रांच ने छापेमारी की। दोनों को रंगेहाथों पकड़ा। मामला डीडी नगर थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी रायपुरा चौक के पास जगुआर कार के भीतर बैठकर भारत-ऑस्ट्रेलिया सेमी फाइनल क्रिकेट मैच में सट्टा खिला रहे थे। पुलिस ने जब मोबाइल को चेक किया तो नाम की वेबसाइट में आईडी लेकर सट्टा खिलाते पाए गए।
भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया मैच में लगाया जा रहा था सट्टा
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि विकास अग्रवाल उर्फ विक्की और सौरभ जैन रायपुर में ऑनलाइन सट्टे का संचालन कर रहे हैं। चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल मुकाबले में, खासकर भारत और ऑस्ट्रेलिया के मैच पर भारी मात्रा में सट्टा लगाया जा रहा था। इसके बाद क्राइम ब्रांच और रायपुर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को धर दबोचा। जांच में सामने आया कि ये आरोपी कई ऑनलाइन बेटिंग आईडी के मास्टर थे, जिनके माध्यम से वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच, ऑनलाइन कैसीनो और अन्य स्पोर्ट्स इवेंट्स में सट्टा चला रहे थे।
70 से अधिक ग्राहक, करोड़ों का लेन-देन
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों के पास मास्टर आईडी के जरिए 70 से अधिक ग्राहक जुड़े थे। इन ग्राहकों को मास्टर आईडी से सट्टे के लिए कॉइन भेजे जाते थे। सट्टे में लगी रकम करोड़ों रुपये तक पहुंच चुकी थी। जब्त किए गए मोबाइल फोन और लैपटॉप में कई महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं, जिनमें बड़े सट्टेबाजों, ग्राहकों और अन्य खाइवालों के नाम दर्ज हैं। इनकी जांच जारी है, और जल्द ही पुलिस अन्य सट्टेबाजों पर भी शिकंजा कस सकती है।
काली कमाई को सफेद करने की थी तैयारी
जांच में यह भी सामने आया कि विकास अग्रवाल और सौरभ जैन अपनी काली कमाई को सफेद कारोबार में निवेश करने की योजना बना रहे थे। ये आरोपी अपनी सट्टे की कमाई को राइस मिल, ठेकेदारी, तेंदू पत्ता व्यापार और अन्य कारोबारों में लगाने की तैयारी कर रहे थे। इनके फोन से कई व्यापारियों और दलालों के नाम मिले हैं, जिनसे वे इस निवेश को लेकर बातचीत कर रहे थे। पुलिस अब आरोपियों के फार्महाउस और अन्य ठिकानों की जांच करने की योजना बना रही है, जिससे इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
32 लाख रुपए का मशरुका जब्त
बताया जा रहा है कि रेड में सट्टा लगाने वालों की भी डिटेल मिली है, जिसकी भी जांच की जा रही है। इसके अलावा एक आईफोन, एक एंड्राइड मोबाइल, 2 लाख रुपए कैश के साथ 32 लाख रुपए का मशरुका जब्त किया है।
सट्टा खिलाते एक और आरोपी गिरफ्तार
इसके साथ ही गंज पुलिस ने भी ऑनलाइन सट्टा खिलाते आरोपी को गिरफ्तार किया है। सटोरिए का नाम सूरज दुबे है, जो मास्टर आईडी से भारत-ऑस्ट्रेलिया सेमी फाइनल क्रिकेट मैच में सट्टा खिला रहा था। पुलिस ने 2 मोबाइल फोन, 54 हजार रुपए कैश जब्त किया है। आरोपी स्टेशन रोड नहरपारा का रहने वाला है।
हाइपर क्लब गोलीकांड का भी आरोपी
विकास अग्रवाल रायपुर के गुढियारी का रहने वाला है। 10 फरवरी 2024 को हाइपर क्लब के पार्किंग ग्राउंड में विकास अग्रवाल और भाटागांव के रोहित तोमर के बीच विवाद हुआ। दोनों के बीच किसी युवती से पुराने प्रेम संबंध की बात को लेकर बहसबाजी हो गई। इस दौरान रोहित तोमर ने गुस्से में विकास की कार में साथी के साथ मिलकर तोडफ़ोड़ कर दी। उसने विकास के साथ धक्कामुक्की भी की। घटना के बाद विकास ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकालकर रोहित की तरफ फायरिंग कर दी। रोहित ने जमीन पर बैठकर अपनी जान बचाई। हालांकि घटना में किसी को गंभीर चोट नहीं आई थी।हाइपर क्लब गोलीकांड के बाद आरोपियों का पुलिस ने जुलूस निकाला था। इस दौरान आरोपियों का सिर आधा मुंडवा दिया गया था। इसके अलावा उनके कपड़े भी फटे हुए थे। इस घटना के बाद पुलिस ने हाइपर क्लब पर भी एक्शन लिया था। इस घटना में रोहित तोमर, विकास अग्रवाल के अलावा सारंग मांधान और एक साथी अमित तनेजा गिरफ्तार हुए थे।
लग्जरी कार के साथ दो बुकी अरेस्ट, रायपुर क्राइम ब्रांच ने दबोचा
जनता से रिश्ता लगातार पिछले 10 वर्षों से राजधानी सहित प्रदेश में चल रहे आनलाइन सट्टा और पर्ची सट्टा के खिलाफ अभियान चलाकर शासन प्रशासन के संज्ञान में लाते रहा है। सटोरियों के मडक़जाल मधयमवर्गीय परिवार के साथ दिहाड़ी मजदूरी करने वाला वर्ग सबसे ज्यादा संतापित है। सटोरियों का गिरोह पैसे, आलीशान जिंदगी, कार, बंगला एशोआऱाम का लालच देकर कालेज पढऩे वाले छात्र -छात्राओ्ं को सटोरिए शिकार बनाकर उसे सट्टा के दलदल में इस तरह फंसा देते है कि वो जिंदगी भर उस दलदल से बाहर ही नहीं निकल पाता है। पुलिस की सख्ती के बाद भी सटोरिए कुछ दिनों के लिए गायब हो जाते है फिर पुलिस की सुस्ती होचते ही रंग दिखाने लगते है.। यह सिलसिला काफी लंबे समय से चल रहा है । शहर की राजनीति में दखल रखने वाले जानकारों का कहना है कि राजनीति के नाम पर कुछ छुटभैया टाइप नेता राजनीति को बदनाम करने इन सटोरियों को संरक्षण देते हैं या यो कहे कि उसमें पैसा लगाकर अपने दो नंबर की कमाई को एक नंबर में करने के लिए कारोबार में खपाते हैं। हर साल आईपीएल क्रिकेट सत्र में 45-50 दिनों पर पूरे देश में सट्टा बुखार चलता है जिसमें छत्तीसगढ़ सबसे आगे रहता है। देश भर के सटोरियों का मुख्यालय रायपुर बन जाता है। हालांकि पुलिस स्वत: की खबरहों से संज्ञान लेकर कार्रवाई को अंजाम दे रही है उसके बाद भी सटोरियों के हौसले पस्त होने के बजाय बुलंद नजर आ रहे है।





