छत्तीसगढ़

Bank मैनेजर रिश्वत केस से दोषमुक्त, 26 साल बाद मिली राहत

Nilmani Pal
2 July 2024 10:38 AM IST
Bank मैनेजर रिश्वत केस से दोषमुक्त, 26 साल बाद मिली राहत
x
पढ़े पूरी खबर

बिलासपुर bilaspur news । एक बैंक के शाखा प्रबंधक branch manager को खुद को पाक-साफ साबित करने के लिए 26 साल तक कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। अब जाकर हाईकोर्ट ने उसे रिश्वत लेने के आरोप से मुक्त कर दिया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के निर्देश पर हाईकोर्ट में बहुत पुराने मामलों के निराकरण के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में सन् 1998 का यह मामला सूचीबद्ध किया गया था, जिसकी सुनवाई जस्टिस संजय कुमार जायसवाल की अदालत में हुई।

chhattisgarh news दुर्ग के जिला उद्योग केंद्र ने दामाखेड़ा के तेजेंदर देव के लिए प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत 95000 का ऋण स्वीकृत किया था, जो दामाखेड़ा स्थित देना बैंक शाखा से प्रदान किया जाना था। तेजेंदर देव ने सीबीआई को शिकायत की थी कि उससे रिश्वत की मांग की गई है। सीबीआई ने शाखा प्रबंधक विनोद आनंद झा को 7000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई ने जबलपुर की विशेष अदालत में केस डायरी पेश की। कोर्ट ने उसे सजा सुनाई। इस आदेश के खिलाफ बैंक मैनेजर ने हाईकोर्ट में अपील की थी, जिसके बाद उनकी सजा स्थगित कर दी गई थी, पर अंतिम आदेश नहीं हुआ था। chhattisgarh

हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान बैंक मैनेजर की ओर से उनके वकील ने बताया कि बैंक ने शिकायतकर्ता के लिए जो 95 हजार रुपए का ऋण स्वीकृत किया था, उसमें खाता खोलने, दस्तावेज तैयार करने और प्रोसेसिंग शुल्क संबंधी 6900 रुपए का खर्च था। यह राशि शिकायतकर्ता ने बैंक मैनेजर को दी थी और उसे रिश्वत में दी गई रकम बताकर सीबीआई से गिरफ्तार कराया। कोर्ट ने शिकायतकर्ता के बयान को विश्वसनीय नहीं पाया और सीबीआई की कार्रवाई तथा जबलपुर की विशेष अदालत के फैसले को निरस्त करते हुए बैंक मैनेजर को दोषमुक्त कर दिया।

Next Story