छत्तीसगढ़

दुर्ग में पकड़ाई बांग्लादेशी महिला, रीना अख्तर को भारत से भेजा गया बाहर

Shantanu Roy
24 Oct 2026 6:05 PM IST
दुर्ग में पकड़ाई बांग्लादेशी महिला, रीना अख्तर को भारत से भेजा गया बाहर
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छग
Durg. दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अवैध रूप से निवासरत विदेशी नागरिकों की पहचान और दस्तावेजों के सत्यापन को लेकर पुलिस की कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में बांग्लादेशी नागरिक रीना अख्तर को भारत से डिपोर्ट कर दिया गया है। दुर्ग पुलिस की विशेष कार्यबल (एसटीएफ) टीम ने पश्चिम बंगाल में इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के सहयोग से समन्वित कार्रवाई करते हुए 23 अक्टूबर 2026 को उन्हें नियमानुसार भारत से बाहर भेजने की प्रक्रिया पूरी की।
पुलिस के अनुसार, जिले में विदेशी नागरिकों के निवास और दस्तावेजों की जांच के दौरान रीना अख्तर के भारत में अवैध रूप से रहने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद मामले में आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी की गई और संबंधित केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर आगे की कार्रवाई की गई।
पश्चिम बंगाल में एसटीएफ ने की कार्रवाई
दुर्ग पुलिस के मुताबिक, रीना अख्तर के मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद एसटीएफ टीम को पश्चिम बंगाल भेजा गया। वहां आईबी और बीएसएफ के सहयोग से कार्रवाई की गई। इसके बाद 23 अक्टूबर 2026 को रीना अख्तर को नियमानुसार भारत से डिपोर्ट कर दिया गया। इस कार्रवाई में विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की भूमिका महत्वपूर्ण रही। पुलिस का कहना है कि जिले में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान करने और उनकी स्थिति का सत्यापन करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
आधार और राशन कार्ड की भी होगी जांच
पुलिस ने बताया कि संबंधित महिला द्वारा आधार कार्ड, राशन कार्ड और अन्य भारतीय दस्तावेज प्राप्त किए जाने के संबंध में भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। इन दस्तावेजों की संबंधित विभागों से जांच और नियमानुसार निरस्तीकरण के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इस प्रक्रिया का उद्देश्य दस्तावेजों की वास्तविकता का सत्यापन करना और यदि वे अवैध तरीके से प्राप्त किए गए हों, तो उनके संभावित दुरुपयोग को रोकना है। हालांकि, संबंधित दस्तावेजों के सत्यापन और निरस्तीकरण की अंतिम स्थिति संबंधित विभागों की जांच एवं निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।
विदेशी नागरिकों की पहचान और सत्यापन अभियान जारी
दुर्ग पुलिस के अनुसार, जिले में अवैध रूप से निवासरत विदेशी नागरिकों की पहचान, उनके दस्तावेजों के सत्यापन और संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। ऐसे मामलों में केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाती है। पुलिस का कहना है कि दस्तावेजों से जुड़े मामलों में सत्यापन जरूरी है, ताकि किसी भी संदिग्ध या अवैध गतिविधि पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सके। रीना अख्तर के मामले में भी आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद डिपोर्टेशन की कार्रवाई की गई।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से की अपील
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी विदेशी नागरिक के अवैध निवास या फर्जी दस्तावेजों से संबंधित कोई विश्वसनीय जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें। पुलिस के अनुसार, प्राप्त सूचनाओं का नियमानुसार सत्यापन किया जाएगा और तथ्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अवैध प्रवासियों के संबंध में सूचना देने के लिए हेल्पलाइन नंबर: 1800-233-1905 पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में विदेशी नागरिकों के निवास और दस्तावेजों से संबंधित मामलों में जांच तथा वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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