छत्तीसगढ़

कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की जमानत खारिज

Shantanu Roy
22 Sept 2026 7:41 PM IST
कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की जमानत खारिज
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Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के कथित आबकारी और कोल लेवी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को अदालत से राहत नहीं मिली है। रायपुर की PMLA विशेष अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। दोनों पक्षों की लंबी बहस सुनने के बाद अदालत ने जमानत देने से इनकार किया है। रामगोपाल अग्रवाल फिलहाल रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं।
PMLA विशेष कोर्ट में लगी थी याचिका
रामगोपाल अग्रवाल की ओर से विशेष PMLA अदालत में जमानत के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया था। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से अपने-अपने तर्क रखे गए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार अदालत ने मामले की प्रकृति और अन्य परिस्थितियों को देखते हुए जमानत आवेदन खारिज कर दिया। अदालत द्वारा गवाहों को प्रभावित किए जाने की आशंका समेत मामले से जुड़े पहलुओं पर विचार किए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे पहले अगस्त 2026 में भी रामगोपाल अग्रवाल की जमानत खारिज होने की खबर सामने आई थी।
आबकारी और कोल मामले में जांच
रामगोपाल अग्रवाल कथित छत्तीसगढ़ आबकारी घोटाले और कोल लेवी मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। इन मामलों में ED ने कथित अपराध से अर्जित आय और उसके लेन-देन को लेकर जांच की है। अदालती दस्तावेजों में भी अभियोजन की ओर से यह आरोप दर्ज है कि कथित आबकारी घोटाले से जुड़ी नकद रकम के लेन-देन में रामगोपाल अग्रवाल का नाम सामने आया। ये अभियोजन पक्ष के आरोप हैं और इन पर अंतिम दोषसिद्धि का निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
रायपुर सेंट्रल जेल में हैं बंद
रामगोपाल अग्रवाल वर्तमान में रायपुर केंद्रीय जेल में बंद हैं। हाल ही में उन्हें कथित कोल लेवी और आबकारी घोटाले से जुड़े मामलों में 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर भेजे जाने की भी जानकारी सामने आई थी। संबंधित मामलों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई जारी है। PMLA मामलों में जमानत के लिए कानून में विशेष शर्तें निर्धारित हैं। अदालत आरोपी की भूमिका, उपलब्ध सामग्री और अन्य कानूनी पहलुओं पर विचार करने के बाद जमानत पर फैसला करती है।
लंबी बहस के बाद कोर्ट का फैसला
जमानत आवेदन पर दोनों पक्षों के बीच लंबी बहस हुई। इसके बाद विशेष अदालत ने आवेदन को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इस फैसले के बाद फिलहाल रामगोपाल अग्रवाल को जेल में ही रहना होगा। छत्तीसगढ़ के कथित आबकारी और कोल लेवी घोटाले को लेकर अलग-अलग जांच एजेंसियों की कार्रवाई लंबे समय से जारी है। कई अधिकारियों, कारोबारियों और अन्य लोगों की कथित भूमिका जांच के दायरे में रही है। रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ लगे आरोपों का अंतिम निर्धारण भी अदालत में चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
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